अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर सीजफायर समझौते को बार-बार तोड़ने का बड़ा आरोप लगाया है. दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिशें अब अनिश्चित नजर आ रही हैं. पाकिस्तान की मदद से हुई यह शांति कोशिश अब एक बड़े संकट की तरफ बढ़ रही है.

सीजफायर समझौता क्या था और विवाद क्यों हुआ?

अमेरिका और ईरान के बीच 7 और 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का सीजफायर तय हुआ था. यह समझौता 21 या 22 अप्रैल को खत्म होने वाला था. राष्ट्रपति Trump ने कहा कि ईरान ने इस दौरान कई बार नियमों की अनदेखी की. उन्होंने बताया कि ईरान की सेना ने Strait of Hormuz के पास जहाजों पर फायरिंग की थी.

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?

ईरान ने अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने उनके एक कार्गो जहाज को जब्त कर लिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और सीजफायर का खुला उल्लंघन है. यह घटना 20 अप्रैल को हुई थी. ईरान का मानना है कि अमेरिका की इन हरकतों की वजह से शांति बातचीत में रुकावट आ रही है.

तारीख/इकाई महत्वपूर्ण जानकारी
7-8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का सीजफायर शुरू हुआ
14 अप्रैल 2026 UN महासचिव ने बातचीत जारी रखने की अपील की
19 अप्रैल 2026 Trump ने पहली बार सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया
20 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरान का कार्गो जहाज जब्त किया
21 अप्रैल 2026 Trump ने दोबारा कहा कि ईरान ने कई बार नियम तोड़े
JD Vance अमेरिकी बातचीत टीम का नेतृत्व कर रहे हैं
Abbas Araqchi ईरान के विदेश मंत्री जिन्होंने अमेरिकी उल्लंघन की बात कही
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.