अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ईरान ने हाल ही में हुए सीजफायर समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है। यह मामला तब सामने आया जब Strait of Hormuz में जहाजों पर ड्रोन से हमले की खबरें आईं।

👉: Oman Maritime Plan: ओमान निकालेगा 11,000 फंसे हुए नाविकों को, GCC ने किया स्वागत लेकिन हमले के बाद IMO ने रोका काम

Donald Trump ने Friday, 26 जून 2026 को Truth Social पर अपनी पोस्ट में इस हमले को एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन बताया। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जहाजों को निशाना बनाने के लिए कम से कम चार ड्रोन दागे थे। इनमें से एक ड्रोन Thursday, 25 जून 2026 को Singapore के ‘Ever Lovely’ नाम के एक बड़े कार्गो जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज को नुकसान पहुँचा लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखने में कामयाब रहा। अमेरिकी सेना ने बाकी तीन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2026 को एक समझौते (MOU) पर दस्तखत हुए थे। इस समझौते का मुख्य मकसद Strait of Hormuz को सामान्य ट्रैफिक के लिए फिर से खोलना और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को हटाना था। इस समझौते के आर्टिकल 5 में लिखा था कि ईरान और ओमान मिलकर इस जलमार्ग के भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा करेंगे।

इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा मुद्दा रास्ता इस्तेमाल करने के शुल्क का है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति Vance और विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि अमेरिका चाहता है कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बिना किसी टोल या शुल्क के खुला रहे। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि इस रास्ते पर उसका कंट्रोल होना चाहिए और उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि जहाजों को केवल उनके तय रास्तों से ही गुजरना होगा।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने 26 जून को चेतावनी दी कि जब तक तेहरान के साथ तालमेल नहीं होगा, तब तक Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। इन हमलों के बाद International Maritime Organization (IMO) ने फारस की खाड़ी से फंसे हुए नाविकों को निकालने का काम फिलहाल के लिए रोक दिया है।

ताजा घटनाक्रम में यह भी पता चला है कि ईरान की IRGC ने तीन विदेशी तेल टैंकरों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया, क्योंकि वे उनके अनुसार बिना अनुमति के दक्षिणी कॉरिडोर से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इन तनावों के बीच अमेरिका और ईरान के राजनयिक स्विट्जरलैंड में बातचीत कर रहे हैं। पाकिस्तानी मध्यस्थों को उम्मीद है कि अगले हफ्ते दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू होगी और कतर की तकनीकी टीमें शांति समझौते की बारीकियों पर काम कर रही हैं। दोनों देशों ने सैन्य टकराव को रोकने के लिए एक सीधा संचार माध्यम भी बनाया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.