अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम में अंदरूनी मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। उपराष्ट्रपति JD Vance और विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच ईरान और लेबनान को लेकर अलग-अलग सोच दिख रही है। हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि पूरी टीम एक साथ है और राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे पर काम कर रही है।
JD Vance का नजरिया
उपराष्ट्रपति JD Vance ईरान के साथ रिश्तों को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर शांति बनी रहती है, तो खाड़ी देश ईरान के पुनर्निर्माण में पैसा लगाने में मदद कर सकते हैं। Vance ने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते के बहुत करीब हैं, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
लेबनान के मुद्दे पर Vance ने अलग रुख अपनाया। उन्होंने बेरूत में नागरिक बुनियादी ढांचे पर इजराइल के हमलों की आलोचना की। उनका मानना था कि ऐसे हमलों से ईरान के साथ चल रही राजनयिक कोशिशों और क्षेत्रीय शांति के प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है।
Marco Rubio का सख्त रुख
दूसरी तरफ, विदेश मंत्री Marco Rubio ईरान को लेकर काफी सतर्क हैं। उनका कहना है कि कोई भी समझौता अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों की पूरी रक्षा करने वाला होना चाहिए। Rubio ने साफ किया कि मिसाइलों और प्रॉक्सी समूहों, खासकर हिजबुल्लाह को ईरान से मिलने वाली मदद के मुद्दे को अलग से सुलझाना होगा।
लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को Rubio ने सही ठहराया और इसे हिजबुल्लाह के हमलों का जायज जवाब बताया। 27 जून 2026 को उन्होंने इजराइल और लेबनान के बीच एक फ्रेमवर्क समझौते का ऐलान किया। इस समझौते का मकसद हिजबुल्लाह को खत्म करना और लेबनान की संप्रभुता को बहाल करना है। अमेरिका इसके लिए 100 मिलियन डॉलर की मानवीय सहायता भी देगा।
व्हाइट हाउस और ट्रंप का बयान
इन मतभेदों की खबरों के बीच व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की विदेश नीति पूरी तरह एकजुट है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक व्यापक ईरान समझौते पर जोर दिया है और उम्मीद जताई है कि लेबनान, हिजबुल्लाह और इजराइल सहित सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम होगा। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि ईरान परमाणु निरीक्षण के उच्चतम स्तर के लिए पूरी तरह सहमत हो गया है।
हाल के बड़े घटनाक्रम
- अमेरिका-ईरान समझौता: 17-18 जून 2026 के आसपास एक समझौता हुआ जिसमें ईरान को तेल निर्यात करने की अनुमति मिली और कुछ प्रतिबंध हटाए गए। इसके बदले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नेविगेशन का वादा किया।
- इजराइल-लेबनान फ्रेमवर्क: 27 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता में एक समझौता हुआ, जिससे हिजबुल्लाह को खत्म करने और लेबनान में सरकारी नियंत्रण वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
