अमेरिका और ईरान के बीच फंसे अरबों डॉलर के पैसों को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने 18 जून 2026 को एक समझौते (MOU) पर साइन किए हैं। इस समझौते के बाद अब यह चर्चा तेज़ है कि ईरान के फ्रीज किए गए पैसे कब और कैसे वापस मिलेंगे।

अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि ईरान का पैसा तब तक फ्रीज रहेगा जब तक कुछ पुराने और ज़रूरी मुद्दों को सुलझा नहीं लिया जाता। इन मुद्दों में मुख्य रूप से ईरान का परमाणु कार्यक्रम, उसकी संप्रभुता, लेबनान में चल रही जंग को खत्म करना और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को हटाना शामिल है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान इन शर्तों को पूरा करे, तभी उसके फंड जारी किए जाएंगे।

इस मामले में अलग-अलग तारीखों पर कई अहम बातें सामने आई हैं:

तारीख अहम जानकारी
18 जून 2026 डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेज़ेशकियन ने MOU साइन किया, जिससे 60 दिनों की बातचीत शुरू हुई।
22 जून 2026 उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि पैसा आतंकवाद के लिए नहीं, बल्कि ईरानी लोगों और अमेरिकी खेती के सामान खरीदने के लिए इस्तेमाल होगा।
17 जून 2026 परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत लंबी और मुश्किल होने की खबर आई।
13 जून 2026 ईरान ने दावा किया कि ट्रंप 24 अरब डॉलर छोड़ने पर सहमत हुए, जिसे ट्रंप ने ‘फेक न्यूज’ बताया।
11 जून 2026 अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सुझाव दिया कि पैसा खाड़ी देशों के नुकसान की भरपाई में इस्तेमाल हो सकता है, जिसे ईरान ने मना कर दिया।
27 मई 2026 ईरान ने बातचीत के लिए कतर में जमा 12 अरब डॉलर की मांग की थी।

फ्रांस में हुई G7 समिट के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने फंड छोड़ने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह पैसा ईरान का है और इसे हमेशा के लिए रोकना अमेरिकी डॉलर और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सिस्टम के भरोसे को कम कर सकता है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसे अपने करीब 24 अरब डॉलर के फंड तुरंत मिलने चाहिए।

ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि दुनिया भर में उनके 100 अरब डॉलर से ज्यादा के एसेट्स फ्रीज हैं। अमेरिका का कहना है कि जब तक एक पुख्ता और जांची-परखी डील नहीं हो जाती, तब तक ये पैसे जारी नहीं किए जाएंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.