Trump Administration Iraq Update: अमेरिका ने इराक को डॉलर भेजना बंद किया, ईरान समर्थित मिलिशिया पर दबाव बनाने के लिए उठाया बड़ा कदम
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने इराक पर कड़ा रुख अपनाते हुए वहां डॉलर की सप्लाई रोक दी है। यह कदम इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अब बगदाद से इन सशस्त्र समूहों को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहा है।
अमेरिका ने कितने डॉलर रोके और क्या है वजह?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लगभग 500 मिलियन डॉलर के नोटों की डिलीवरी रोक दी है। यह पैसा इराक द्वारा तेल बेचने से मिला था, जो न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक में जमा था। अमेरिका का कहना है कि जब तक बगदाद ईरान समर्थित मिलिशिया पर लगाम नहीं लगाता, तब तक यह वित्तीय सहायता बंद रहेगी।
मिलिट्री और सुरक्षा प्रोग्राम पर क्या असर होगा?
पैसे के साथ-साथ अमेरिका ने इराक के साथ सुरक्षा सहयोग कार्यक्रमों को भी फ्रीज कर दिया है। आतंकवाद विरोधी अभियानों और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए मिलने वाली फंडिंग अब रोक दी जाएगी। अमेरिका ने शर्त रखी है कि एक ऐसी नई सरकार बने जिस पर मिलिशिया का कोई असर न हो और उन लोगों को गिरफ्तार किया जाए जिन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।
यह पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ?
पिछले कुछ समय से ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया था। हाल ही में बगदाद में एक अमेरिकी डिप्लोमैटिक ऑफिस पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके बाद अमेरिका ने इराक के राजदूत को तलब किया था। इसी तनाव के कारण अब अमेरिका ने वित्तीय और सैन्य पाबंदियां लगाई हैं।