अमेरिका और ईरान के बीच एक नया शांति समझौता होने के बावजूद लेबनान में तनाव कम नहीं हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को सलाह दी है कि वे लेबनान में सैन्य कार्रवाई के दौरान थोड़ा “नरम रुख” अपनाएं। यह बात ट्रंप ने फ्रांस में G7 समिट के दौरान कही।
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राष्ट्रपति Trump ने कहा कि नेतन्याहू एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन कभी-कभी वे ज़्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इसराइल को हर बार किसी इमारत को गिराने की ज़रूरत नहीं है जब वहां Hezbollah का कोई सदस्य हो। ट्रंप ने यह भी कहा कि इसराइल अमेरिका का एक “बहुत छोटा पार्टनर” है।
US और ईरान के बीच हुआ समझौता
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान ने 17 या 18 जून 2026 को एक समझौता (MoU) साइन किया है। इस समझौते के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने और 60 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) करने की बात कही गई है। इस समझौते के औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने की उम्मीद है।
नेतन्याहू और ईरान का पक्ष
दूसरी तरफ, इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया है कि इसराइल इस समझौते से बंधा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि इसराइल अपनी रक्षा के लिए लेबनान में तब तक रहेगा जब तक ज़रूरी होगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि लेबनान में युद्धविराम इस समझौते का एक अहम हिस्सा है और अगर हमले जारी रहे तो तेहरान की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया मिल सकती है।
ज़मीनी हालात और नुकसान
समझौते की खबरों के बीच भी दक्षिण लेबनान में इसराइली हवाई हमले जारी रहे। 17 जून को हुए हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि Nabatieh al-Fawqa और Kfar Tebnit जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया। वहीं, Hezbollah ने भी ड्रोन हमले किए जिससे 5 इसराइली सैनिक घायल हुए। ईरान की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की घोषणा के बाद से दक्षिण लेबनान में इसराइल ने 84 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है।