Lebanon-Israel Conflict: ट्रंप के करीबी ने जताया अविश्वास, बोले लेबनान की सेना नहीं हटा पाएगी हिजबुल्लाह के हथियार

लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध रोकने के लिए कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सहयोगी ने कहा है कि उन्हें लेबनान की सेना पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि लेबनानी फौज हिजबुल्लाह के पास मौजूद हथियारों को नहीं छीन पाएगी। इस बयान के बाद अब अमेरिका खुद इस काम की कमान संभालने की तैयारी में है।

अमेरिका अब क्या कदम उठाएगा?

एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी ने बताया कि अमेरिका अब अपने संसाधनों का इस्तेमाल करके हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने की कोशिश करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यह काम जल्द पूरा हो। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन को व्हाइट हाउस बुलाएंगे ताकि दोनों देशों के बीच अहम बातचीत हो सके।

लेबनान और इसराइल के बीच ताजा हालात क्या हैं?

16 अप्रैल 2026 से दोनों देशों के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ है। हालांकि, लेबनान की सेना ने खबर दी है कि इसराइल ने इस दौरान गोलाबारी की है, इसलिए उन्होंने लोगों को अभी गांवों में वापस न जाने की सलाह दी है। वहीं, इसराइल के पीएम नेतन्याहू का कहना है कि जब तक हिजबुल्लाह हथियार नहीं छोड़ता, तब तक कोई स्थायी शांति समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने दक्षिण लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखने की बात भी कही है।

निशस्त्रीकरण और शांति प्रयासों का घटनाक्रम

पिछले कुछ समय में हिजबुल्लाह के हथियारों को हटाने के लिए कई कोशिशें की गईं, लेकिन यह काम काफी मुश्किल रहा है। नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:

तारीख क्या हुआ
31 दिसंबर 2025 लिटानी नदी के दक्षिण में हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने की समयसीमा थी।
8 जनवरी 2026 लेबनानी सेना ने निशस्त्रीकरण योजना के पहले चरण के पूरा होने का ऐलान किया।
17 फरवरी 2026 लेबनान सरकार ने दूसरे चरण के लिए कम से कम चार महीने का समय मांगा।
19 फरवरी 2026 सेना प्रमुख जनरल रोडोल्फ हयकल ने योजना लागू करने के लिए 4 से 8 महीने की मोहलत मांगी।
13 अप्रैल 2026 वॉशिंगटन डी.सी. में इसराइल और लेबनान के अधिकारियों के बीच शांति वार्ता हुई।
16 अप्रैल 2026 लेबनान और इसराइल के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ।
17 अप्रैल 2026 ट्रंप सहयोगी ने लेबनानी सेना पर अविश्वास जताया और अमेरिका ने कमान संभालने की बात कही।