अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड Trump ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अगले दो या तीन हफ़्तों में खत्म हो सकता है और अमेरिकी सेना बहुत जल्द वहां से वापस आ जाएगी। Trump ने अपने सहयोगियों को दो टूक शब्दों में अपना तेल खुद देखने को कहा है और यह भी साफ किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए Tehran के साथ किसी औपचारिक समझौते की ज़रूरत नहीं है। इस बयान के बाद वैश्विक बाज़ार में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।

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Trump के बयान और युद्ध खत्म होने की मुख्य शर्तें क्या हैं?

राष्ट्रपति Trump ने साफ़ किया है कि अमेरिकी सैन्य अभियान का अंत ईरान की परमाणु क्षमता पर निर्भर करता है। उन्होंने मंगलवार को दिए अपने बयान में कई कड़े फैसले सुनाए हैं जो आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति बदल सकते हैं।

  • युद्ध खत्म होने के लिए ईरान का परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह खोना ज़रूरी है।
  • Trump के अनुसार US फोर्सेज बहुत जल्द ईरान से वापस लौट सकती हैं।
  • उन्होंने उन सहयोगी देशों पर नाराज़गी जताई है जो युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं।
  • Strait of Hormuz की सुरक्षा अब उन देशों की ज़िम्मेदारी होगी जो वहां से अपने तेल की सप्लाई मंगाते हैं।
  • सफ़ेद हाउस ने घोषणा की है कि बुधवार रात को राष्ट्रपति इस मुद्दे पर एक विशेष संबोधन देंगे।

खाड़ी देशों और अन्य ताकतों पर ताज़ा घटनाक्रम का क्या असर है?

इस युद्ध की आंच अब पड़ोसी देशों तक भी पहुँच रही है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में कई बड़ी सैन्य गतिविधियां हुई हैं और राजनयिक स्तर पर संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।

देश या संस्था ताज़ा स्थिति और सैन्य घटनाक्रम
Israel Tehran में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं, हालांकि दक्षिण लेबनान में उसके 4 सैनिक मारे गए हैं।
Iran ईरानी गार्ड्स ने Microsoft, Google और Apple जैसी 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
Kuwait कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले हुए हैं जिनका आरोप ईरान समर्थित गुटों पर लगा है।
Bahrain और Saudi बहरीन में औद्योगिक केंद्र पर हमला हुआ, जबकि सऊदी अरब ने अपनी सीमा में आते ड्रोन नष्ट किए हैं।
UAE यूएई ने ईरानियों के देश में प्रवेश और ट्रांजिट पर रोक लगा दी है।

प्रवासियों और आम जनता पर इस तनाव का क्या प्रभाव पड़ेगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है। युद्ध के कारण बढ़ती तेल की कीमतें और साइबर हमलों की धमकियों का सीधा असर रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ सकता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया है कि युद्ध के बाद NATO के साथ संबंधों का पुनर्मूल्यांकन किया जा सकता है। इधर चीन और पाकिस्तान ने शांति के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है ताकि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखें क्योंकि सुरक्षा और वीज़ा नियमों में अचानक बदलाव देखे जा रहे हैं। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भी देरी या रूट में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।