अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल और ईरान के बीच चल रहे खूनी संघर्ष को रोकने का ऐलान किया है। इसे ’12-Day War’ के नाम से जाना जा रहा है और अब दोनों देशों के बीच पूरी तरह से ceasefire यानी युद्ध विराम हो गया है। Trump ने इस फैसले को अपनी व्यक्तिगत जीत बताया और कहा कि उन्होंने आखिरी समय में दखल देकर और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ फोन पर बात करके इस तनाव को कम किया है।
यह जानकारी Netherlands के The Hague में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान सामने आई, जहाँ Trump के साथ Secretary-General Mark Rutte भी मौजूद थे।
युद्ध विराम का समय और तारीख
दोनों देशों के बीच हमले रोकने के लिए एक तय समय सीमा बनाई गई थी। ईरान ने सोमवार 23 जून 2025 की आधी रात को अपने हमले रोक दिए, जिसके ठीक 12 घंटे बाद मंगलवार दोपहर को इसराइल ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई बंद कर दी। आधिकारिक तौर पर इस युद्ध के खत्म होने की घोषणा बुधवार 24 जुलाई 2025 की आधी रात को की गई।
हमलों का असर और तबाही
इस युद्ध के दौरान इसराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान के बीचों-बीच भारी हमले किए थे। इन हमलों में ईरान की सुरक्षा सेनाओं और Basij के सैकड़ों जवान मारे गए और शासन की कई संपत्तियां तबाह हो गईं।
वहीं अमेरिका ने भी ईरान के Fordo परमाणु केंद्र पर एक बहुत बड़ा और सटीक हमला किया था। Donald Trump ने दावा किया कि इस हमले ने उस साइट को पूरी तरह तबाह कर दिया है, जिससे ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता में काफी देरी होगी।
कतर में हमला और NATO पर दबाव
युद्ध के दौरान ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिका के एक सैन्य बेस पर मिसाइल हमले किए थे। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों को समय रहते हवा में ही रोक लिया गया और इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।
इस सम्मेलन के दौरान Trump ने NATO देशों के नेताओं पर यह दबाव भी बनाया कि वे अपनी सुरक्षा और रक्षा बजट को बढ़ाकर कुल बजट का 5% करें।
