अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण सैन्य अपडेट साझा करते हुए बताया है कि अमेरिकी सेना ने माइन बिछाने वाले 10 निष्क्रिय ईरानी जहाज़ों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। 10 मार्च 2026 को दी गई इस जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत की गई है। इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य खाड़ी के समुद्री रास्तों में सुरक्षा सुनिश्चित करना है क्योंकि ईरान पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बारूदी सुरंगें यानी माइन बिछाने की आशंका जताई गई थी।
ईरान की सैन्य क्षमता और ताजा हमलों का विवरण
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अनुसार आज का दिन ईरान पर किए गए हमलों में सबसे अधिक तीव्रता वाला रहा है। व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन के बाद ईरान की नौसेना अब प्रभावी ढंग से काम करने की स्थिति में नहीं रही है। सेंट्रल कमांड ने इन जहाज़ों के विनाश की पुष्टि करने वाले वीडियो भी जारी किए हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नष्ट किए गए जहाज़ | 10 माइन-लेइंग जहाज़ |
| ऑपरेशन का नाम | Operation Epic Fury |
| मिसाइल क्षमता में कमी | 90 प्रतिशत |
| ड्रोन हमलों में गिरावट | 85 प्रतिशत |
खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका प्रभाव
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के लिए यह खबर सुरक्षा के लिहाज से बहुत बड़ी मानी जा रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने Strait of Hormuz में कोई भी माइन बिछाई है तो उसे तुरंत हटाना होगा वरना परिणाम गंभीर होंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों के लिए रास्तों का सुरक्षित होना बेहद जरूरी है क्योंकि ईरान ने हाल के दिनों में तेल उत्पादक देशों पर हमले तेज किए थे।
- अमेरिकी सेना अब तक ईरान के 50 से अधिक नौसैनिक जहाज़ों को निशाना बना चुकी है
- व्हाइट हाउस के अनुसार ईरान का कोई भी बड़ा जहाज़ फिलहाल मुख्य जलमार्गों में सक्रिय नहीं है
- सऊदी न्यूज़ 50 ने इस अपडेट को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है
