अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान एक शुरुआती समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। 23 मई 2026 को आई इस बड़ी खबर के बाद वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान के साथ एक बड़े समझौते का खाका तैयार हो चुका है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना भी शामिल है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत चल रही है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

ℹ️: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला है बड़ा समझौता, ट्रंप बोले बस आखिरी बातचीत बाकी, कभी भी हो सकता है ऐलान.

क्या है इस शुरुआती समझौते का मुख्य उद्देश्य और शर्तें?

इस शुरुआती समझौते का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और तनाव को कम करना है। ट्रंप प्रशासन और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई है:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: ट्रंप प्रशासन चाहता है कि बिना किसी टैक्स या शुल्क के होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए दोबारा खोला जाए।
  • 60 दिनों का सीजफायर: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने पर सहमति बनने के आसार हैं।
  • ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना: विदेशी बैंकों में जमा ईरान की कुछ प्रतिबंधित संपत्तियों को वापस जारी करने पर भी विचार हो रहा है।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रुख: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि अमेरिका की मुख्य मांग ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि परमाणु मुद्दे पर बाद में अलग से चर्चा होगी और उनकी मुख्य प्राथमिकता प्रतिबंधों को हटाना है।

इस समझौते में किन देशों की मध्यस्थता काम आई?

अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में पाकिस्तान और कतर ने बड़ी भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की ईरानी नेताओं के साथ हालिया बैठकें काफी सफल रही हैं। इसके अलावा सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने और समुद्री यातायात की स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए अमेरिकी प्रयासों की सराहना की है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा है कि समझौते की उम्मीद फिलहाल आधी-आधी है और अगर बात नहीं बनती है, तो सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। इस समझौते की रूपरेखा को अगले 30 से 60 दिनों में पूरी तरह से स्पष्ट कर लिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की अंतिम घोषणा कब तक हो सकती है?

23 मई 2026 को तैयार किए गए शुरुआती मसौदे पर दोनों देशों के शीर्ष नेता विचार कर रहे हैं और इसकी अंतिम घोषणा जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस समझौते को लेकर ईरान की मुख्य प्राथमिकता क्या है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, ईरान की प्राथमिकता युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना और ईरानी बंदरगाहों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.