अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अगले 60 दिनों तक कोई टोल नहीं लिया जाएगा। यह फैसला दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते के तहत लिया गया है। इसका मकसद इस समुद्री रास्ते पर व्यापार और तेल की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के चालू रखना है।

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यह पूरा मामला 17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MOU) से जुड़ा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने G7 समिट के दौरान फ्रांस के वर्साय में इस डील पर हस्ताक्षर किए और Truth Social पर बताया कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है। इसके तहत अमेरिकी नौसेना ने अपनी नाकेबंदी (blockade) को हटाने का आदेश दिया है।

हालांकि, इस समझौते के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया कि उसने इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया है क्योंकि इसराइल ने लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन किया है। लेकिन अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस बात को गलत बताया है। नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया कि रास्ता खुला है और अमेरिकी सेना वहां निगरानी कर रही है।

इस समझौते के नियमों के मुताबिक, 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अमेरिका 30 दिनों के अंदर अपनी नाकेबंदी हटाएगा और ईरान भी 30 दिनों में सभी सैन्य बाधाओं को दूर करेगा। 60 दिन की अवधि खत्म होने के बाद ईरान ओमान के साथ मिलकर नेविगेशन और पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर कुछ सर्विस फीस ले सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें यह समझौता पसंद नहीं आया, तो अमेरिका फिर से सख्त कदम उठा सकता है। वहीं, बीमा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से 60 दिनों की राहत तो मिली है, लेकिन युद्ध का जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और जहाजों के बीमा का खर्च अब भी काफी ज्यादा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.