अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है कि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि अब से जहाजों को यहाँ से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं देना होगा। यह खबर दुनिया भर के तेल बाजार और व्यापार के लिए एक बड़ी राहत की तरह देखी जा रही है।

ट्रंप ने 17 जून 2026 को फ्रांस में चल रही G7 समिट के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि यह रास्ता शुक्रवार (19 जून) तक पूरी तरह से खुल जाएगा और यहाँ से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होगी। इस संबंध में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) हुआ है, जिसके तहत अमेरिका ने अपनी नेवल ब्लॉकेड हटाने का फैसला किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस डील की पुष्टि की है।

हालांकि, हकीकत में अभी भी कुछ मुश्किलें बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी सैकड़ों जहाज फारस की खाड़ी में रुके हुए हैं क्योंकि उन्हें समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों और हमलों का डर है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की टीमें मिलकर समुद्र से इन सुरंगों को हटाने का काम कर रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सफाई के काम में 30 दिन से लेकर 6 महीने तक का समय लग सकता है।

ईरान की तरफ से इस मुद्दे पर थोड़ी अलग बात कही गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने कहा कि जहाजों को टोल तो नहीं देना होगा, लेकिन उन्हें नेविगेशन और पर्यावरण सुरक्षा के लिए ‘सर्विस फीस’ देनी होगी। दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने समझौते का पालन नहीं किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर देगा।

इस पूरे मामले में NATO प्रमुख मार्क रुट और तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भी इस कदम का स्वागत किया है। स्विट्जरलैंड में 19 जून को इस शांति समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिससे उम्मीद है कि क्षेत्र में तनाव कम होगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.