अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई में नरमी बरतने की सलाह दी है। यह बात ट्रंप ने फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में खत्म हुए G7 समिट के दौरान कही। उन्होंने इसराइल के हालिया हमलों को जरूरत से ज्यादा बताया और कहा कि इसे जल्दी खत्म करना चाहिए था।

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Donald Trump ने कहा कि नेतन्याहू को हिजबुल्लाह से निपटते समय ‘softer touch’ यानी थोड़ा नरम रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी कोई हिजबुल्लाह का सदस्य किसी इमारत में जाए, तो हर बार उस पूरी इमारत को गिरा देना जरूरी नहीं है।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

यह सलाह ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता या ‘memorandum of understanding’ हुआ है। इस समझौते का मकसद भविष्य में शांति बातचीत का रास्ता खोलना है। ईरान की मुख्य मांग यह है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई को रोका जाए।

लेबनान में ताजा हालात

ट्रंप की इस सलाह के बावजूद, 17 जून 2026 को इसराइल ने लेबनान में अपने सीमित हमले जारी रखे। लेबनान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी शहरों में इसराइल ने हवाई और आर्टिलरी हमले किए, जबकि हिजबुल्लाह ने भी इसराइली सेना पर दो ड्रोन हमले किए।

  • इसराइल का पक्ष: इसराइल ने साफ किया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए किसी भी समझौते से बंधा नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए ताकत का इस्तेमाल करेगा।
  • लेबनान का पक्ष: लेबनान के राष्ट्रपति ने कहा कि इसराइल के साथ उनकी बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील से अलग और स्वतंत्र है।

फिलहाल अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इसराइल के दूतों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन इसराइल इसे अपनी आजादी में रुकावट के तौर पर देख रहा है।