स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ पर अमेरिका का दावा, कहा पानीपत पर हमारा पूरा कंट्रोल, ईरान के साथ तनाव जारी.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होंने ईरान के हालात को लेकर कहा कि स्थिति बहुत अच्छी है और अमेरिका तेहरान के साथ बातचीत फिर से शुरू कर सकता है। हालांकि राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि फिलहाल ईरान के साथ कोई भी आधिकारिक बातचीत तय नहीं है। इस बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य के चल रहे संकट को लेकर अमेरिका का दावा है कि इस समुद्री रास्ते पर उनका पूरा नियंत्रण है और तेल की सप्लाई लगातार जारी है। इस बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी साझा की जिसमें इस रास्ते को नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया।
व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक
अमेरिकी प्रशासन के दावों के उलट यह जलडमरूमध्य व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग बंद हो चुका है क्योंकि बीमा का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना हुआ है। अमेरिकी सेना की नाकाबंदी फिर से शुरू होने के बाद से 65 जहाजों को ईरानी बंदरगाहों पर आने जाने से रोका गया है। जहाजों की रोजाना आवाजाही में भारी गिरावट आई है और मंगलवार को केवल 10 कमर्शियल जहाज ही देखे गए जबकि 16 अगस्त को सिर्फ एक जहाज रिकॉर्ड किया गया जो कि संकट से पहले रोजाना आने वाले 73 जहाजों के मुकाबले बहुत कम है। यह तनाव तब और बढ़ गया जब 18 अगस्त को एक मालवाहक जहाज 'Minoan Dignity' पर हमला हुआ और उसके चीफ इंजीनियर की मौत हो गई।
कूटनीतिक बातचीत और क्षेत्रीय हालात
दूसरी तरफ कूटनीतिक कोशिशें पूरी तरह से रुकी हुई हैं। ईरान के शीर्ष वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका तेल से जुड़े प्रतिबंध नहीं हटाता, संपत्ति को फ्रीज करना बंद नहीं करता और युद्ध के नुकसान की भरपाई नहीं करता तब तक यह रास्ता बंद रहेगा। इसके अलावा ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि परमाणु और युद्ध से जुड़ी चर्चाओं के लिए जो 60 दिन का समय तय हुआ था वह अब किसी काम का नहीं है। इसी बीच यूएई ने बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों के बाद ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार और वित्तीय लेन-देन को सस्पेंड कर दिया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर अमेरिकी एजेंसियों जिनमें NSA, FBI और CISA शामिल हैं, ने मिलकर एक चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि बुनियादी ढांचे पर ईरान की तरफ से साइबर हमलों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा एक अमेरिकी नागरिक Dena Karari को जुलाई में देश से रिहा किए जाने के बावजूद ईरानी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में गैर-मौजूदगी में 5 साल की जेल की सजा सुनाई है जिससे दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय तनाव और अधिक गहरा गया है।