अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने बुधवार को दिए एक बयान में स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह उस सीजफायर डील का हिस्सा नहीं था जो हाल ही में वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुई थी। इस समझौते के जरिए पश्चिम एशिया में दो हफ्तों के लिए शांति बहाल की गई थी, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियान जारी रहेगा।

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हिजबुल्लाह और सीजफायर समझौते की असली स्थिति क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का मुख्य मकसद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कुछ समय के लिए थामना था। डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, इजरायल जो ऑपरेशन लेबनान में चला रहा है, उसे अमेरिका का पूरा समर्थन हासिल है। हिजबुल्लाह को इस समझौते से बाहर रखने का सीधा मतलब यह है कि उन पर होने वाले सैन्य हमलों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इस बयान के बाद यह बात और भी स्पष्ट हो गई है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रख सकता है।

समझौते और सैन्य ऑपरेशन से जुड़ी अहम जानकारी

  • इजरायल का सैन्य अभियान: लेबनान में इजरायल की कार्रवाई लगातार जारी है और इसे अमेरिकी समर्थन मिला हुआ है।
  • सीजफायर का दायरा: वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ समझौता केवल दो हफ्तों के लिए था।
  • हिजबुल्लाह की स्थिति: हिजबुल्लाह को इस शांति समझौते में किसी भी तरह की राहत या सुरक्षा नहीं दी गई है।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा: ट्रंप प्रशासन का यह रुख दिखाता है कि पश्चिम एशिया में इजरायल के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.