अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन लोगों पर बड़ा हमला बोला है जो दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जंग में नहीं जीत रहा है। ट्रंप ने इस तरह की बातों को ‘गद्दारी’ करार दिया है। यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब ट्रंप प्रशासन ने पहले ही Congress को जानकारी दे दी थी कि सैन्य कार्रवाई खत्म हो चुकी है।

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ट्रंप ने विरोधियों को ‘गद्दार’ क्यों कहा?

Donald Trump का मानना है कि यह देशद्रोह जैसा है जब आलोचक यह कहें कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध नहीं जीत रहा है। इस मामले में उन्होंने 1973 के War Powers Resolution को भी पूरी तरह असंवैधानिक बताया। यह एक ऐसा नियम है जिसके तहत राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य कार्रवाई को 60 दिनों से ज्यादा चलाने के लिए Congress की मंजूरी लेनी पड़ती है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम और Gulf क्षेत्र पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि Gulf क्षेत्र और Israel को परमाणु खतरे से बचाने के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना बहुत जरूरी था। उनके मुताबिक, अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने में सफल हो जाता, तो Middle East और Europe पूरी तरह तबाह हो जाते। साथ ही उन्होंने ईरान की तरफ से आए शांति प्रस्ताव पर भी नाराजगी जताई और कहा कि किसी अंतिम समझौते पर पहुँचना मुश्किल लग रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने War Powers Resolution को क्यों नकारा?

ट्रंप ने इस कानून को पूरी तरह असंवैधानिक बताया। इस नियम के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के लिए 60 दिन बाद Congress की अनुमति लेनी पड़ती है जिसे ट्रंप ने गलत माना।

ईरान के शांति प्रस्ताव पर अमेरिका का क्या रुख है?

राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने संदेह जताया है कि क्या दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता हो पाएगा।