ईरान पर हमले की योजना टली, अमेरिका ने कहा बातचीत के रास्ते खुले

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाली संभावित सैन्य कार्रवाई को रोकने का बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन एक संभावित समझौते की रूपरेखा बनने के बाद उन्होंने यह कदम वापस ले लिया। Donald Trump ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दी है।
समझौते की शर्तें और ईरान का रुख
इस प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरों को समाप्त करना मुख्य रूप से शामिल है। ट्रंप के अनुसार, यह फैसला ईरान और कुछ मध्य-पूर्वी देशों के अनुरोध पर लिया गया है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है और जब तक अमेरिका अपनी शत्रुता जारी रखेगा, स्थिति पहले जैसी बनी रहेगी।
क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता की कोशिशें
इस पूरे मामले में Saudi Arabia के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने भी ट्रंप से बात की थी और क्षेत्रीय अस्थिरता तथा तेल प्रतिष्ठानों पर होने वाले हमलों को लेकर चिंता जताई थी। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं चल रही है, लेकिन खबरों के मुताबिक Pakistan और Qatar पर्दे के पीछे से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। भविष्य की संभावित वार्ता के लिए Islamabad और Doha जैसे स्थानों पर विचार किया जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक अहम समुद्री मार्ग है, जहाँ से तेल की भारी सप्लाई होती है और किसी भी प्रकार का तनाव सीधे वैश्विक बाजारों को प्रभावित करता है। अधिक जानकारी के लिए आप Hindusthan Samachar की रिपोर्ट देख सकते हैं।