अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले हमले के प्लान को फिलहाल टाल दिया है. यह फैसला तब आया जब ईरान के बड़े नेताओं के साथ बातचीत सही दिशा में बढ़ी और सहमति बनी. हालांकि, समुद्र में जहाजों की नाकाबंदी अभी भी जारी रहेगी, जिससे तनाव बना हुआ है.

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हमले पर रोक और समुद्री नाकाबंदी का फैसला

President Trump ने अपने Truth Social अकाउंट पर जानकारी दी कि ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत हुई है और इसे मंजूरी मिल गई है. इसी वजह से उन्होंने रात में होने वाले हमले को रद्द कर दिया. लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि Naval Blockade पूरी तरह लागू रहेगी जब तक कि यह लेन-देन या समझौता फाइनल नहीं हो जाता. Trump ने संकेत दिया कि आने वाले वीकेंड पर यूरोप में एक नया समझौता साइन हो सकता है.

इन देशों की बनी सहमति

Trump के मुताबिक, इस बातचीत और इसके मुख्य बिंदुओं को सभी संबंधित पक्षों ने मंजूरी दे दी है. इसमें मुख्य रूप से ये देश शामिल हैं:

  • United States और Israel
  • Saudi Arabia और UAE
  • Qatar, Turkiye और Pakistan
  • Bahrain, Kuwait, Jordan और Egypt

Qatari मध्यस्थों और ईरानी बातचीत करने वालों ने इस ड्राफ्ट समझौते को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.

ईरान का जवाब और जमीनी हालात

अमेरिकी दावों के उलट, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि ईरान ने अभी तक अमेरिका के साथ किसी शांति समझौते पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. राजनयिक सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते की शुरुआत में एक सहमति पत्र (MOU) साइन हो सकता है. इसी बीच, 11 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी के दौरान एक तीसरे तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया.

Kuwait ने जताया कड़ा विरोध

इस पूरे तनाव के बीच Kuwait ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. 11 जून 2026 को Kuwait ने International Civil Aviation Organization (ICAO) को तीसरा विरोध पत्र भेजा. यह विरोध एयरपोर्ट रडार पर ईरान द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों को लेकर दर्ज कराया गया है.