अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने सलाहकारों के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में ईरान के साथ संघर्ष विराम यानी सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए एक अंतिम फैसला लिया जाना है। दोनों देशों के बीच समझौता लगभग तय माना जा रहा है लेकिन आखिरी मुहर ट्रंप की लगनी अभी बाकी है।

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क्या है इस समझौते में और क्या शर्तें रखी गई हैं?

इस समझौते के तहत ईरान के साथ सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर बात चल रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि दोनों देश इस समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी कुछ बिंदुओं पर बातचीत चल रही है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी मिलेगी जब वह संवर्धित यूरेनियम को सौंपेगा और अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने पर राजी होगा।

ईरान का इस समझौते पर क्या रुख है?

ईरान की तरफ से इस समझौते को लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि अभी तक कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है और पश्चिमी मीडिया की खबरें सही नहीं हैं। वहीं ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने कहा है कि ईरान को किसी भी वादे पर भरोसा नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अधिकार बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों से हासिल होते हैं। इसके अलावा ईरान के अधिकारी इब्राहिम रजाई ने आरोप लगाया कि ट्रंप ही इस समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बने हुए हैं।

इस बातचीत में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इस पूरे मामले में कई देशों की कूटनीति काम कर रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी इस मुद्दे पर बातचीत के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की है। इसके अलावा कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देश भी इस मध्यस्थता के राजनयिक प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?

दोनों देश 60 दिनों के सीजफायर समझौते के बेहद करीब हैं और एक प्रारंभिक सहमति बन चुकी है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

अमेरिका ने प्रतिबंध हटाने के लिए ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिका के वित्त मंत्री के अनुसार, प्रतिबंधों में ढील तभी मिलेगी जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा, अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपेगा और परमाणु कार्यक्रम बंद करेगा।