अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ होने वाली बातचीत को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। उन्होंने अपने खास दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। Trump का कहना है कि अमेरिका के पास सारी ताकत है और अगर ईरान बात करना चाहता है, तो वह किसी भी समय संपर्क कर सकता है।
Trump ने बातचीत क्यों रोकी और अब क्या होगा?
President Trump ने Fox News को दिए इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ईरान के नेतृत्व में बहुत ज़्यादा भ्रम और आपसी लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा पर समय बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं है। Trump ने साफ़ किया कि वह किसी जल्दबाज़ी में नहीं हैं, लेकिन ईरान को उनकी शर्तों पर ही समझौता करना होगा और वह परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस कॉल करना होगा।
ईरान की प्रतिक्रिया और वहां के हालात क्या हैं?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi पाकिस्तान से वापस लौट आए हैं, लेकिन उनकी अमेरिका के अधिकारियों से कोई सीधी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका वाकई कूटनीति में गंभीर है। दूसरी ओर, ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी, तो वे इसका कड़ा जवाब देंगे। इसके अलावा, राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश के लोगों से बिजली बचाने की अपील की है क्योंकि अमेरिकी और इजरायली हमलों से वहां के पावर सिस्टम को नुकसान पहुँचा है।
इस पूरे मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ की तरह काम कर रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरानी विदेश मंत्री Araghchi से मुलाकात की और शांति के लिए अपनी मदद दोहराई। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने भी पाकिस्तानी सरकार का शुक्रिया अदा किया है क्योंकि वे दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, अमेरिका के इस नए फैसले के बाद अब बातचीत की राह मुश्किल दिख रही है।