अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अचानक एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है। Jared Kushner और Steve Witkoff को ईरान के साथ शांति बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाना था। Trump ने इस फैसले की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social और Fox News पर दी।
Trump ने दौरा रद्द क्यों किया?
राष्ट्रपति Donald Trump ने इस फैसले के पीछे कई कारण बताए। उनके मुताबिक यात्रा में बहुत समय बर्बाद होता है और ईरान के नेतृत्व में काफी भ्रम और अंदरूनी लड़ाई चल रही है। Trump ने कहा कि अमेरिका के पास सभी पत्ते हैं और अगर ईरान बात करना चाहता है तो वे खुद फोन कर सकते हैं। उन्होंने साफ़ किया कि 18 घंटे की फ्लाइट लेना देश के हित में नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि युद्ध फिर से शुरू हो गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या स्थिति है?
इस मामले में दोनों पक्षों की बातें अलग रही हैं। White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने पहले कहा था कि ईरान ने खुद बातचीत के लिए संपर्क किया था और इस मुलाकात से कुछ प्रगति की उम्मीद थी। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ उनकी कोई सीधी मीटिंग तय नहीं थी। पाकिस्तान सिर्फ एक माध्यम के रूप में काम कर रहा था। अंत में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi बिना किसी सीधी बातचीत के इस्लामाबाद से वापस लौट गए।
अमेरिकी रक्षा मंत्री की सख्त चेतावनी
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इस बीच ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है तो अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी की वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाएगी। Hegseth ने यह भी जानकारी दी कि US Navy को Strait of Hormuz में बाधा डालने वाली या माइन बिछाने वाली किसी भी ईरानी नाव को नष्ट करने का अधिकार दिया गया है।