अमेरिका के Donald Trump ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने दावा किया है कि चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन अब ईरान को कोई भी सैन्य हथियार नहीं भेजेगा। यह खबर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बीच काफी चर्चा बटोर रही है क्योंकि इसका सीधा असर मध्य पूर्व की शांति पर पड़ सकता है।
Trump और चीन के बीच क्या हुई बातचीत
Beijing में 14 और 15 मई 2026 को हुई मुलाकात के बाद Donald Trump ने बताया कि राष्ट्रपति Xi Jinping ने ईरान को सैन्य उपकरण न देने का वादा किया है। इस बातचीत में कुछ मुख्य बातें सामने आईं:
- हथियारों पर रोक: चीन अब ईरान को हथियार नहीं भेजेगा।
- तेल कंपनियों को राहत: Trump ने संकेत दिया कि अगर चीन हथियारों की सप्लाई रोकता है, तो अमेरिकी सरकार चीन की उन तेल कंपनियों पर से प्रतिबंध हटा सकती है जो ईरान से तेल खरीदती हैं।
- समुद्री रास्ता: राष्ट्रपति Xi ने Strait of Hormuz को खुला रखने और वहां जहाजों के आने-जाने में मदद करने पर अपनी सहमति दी।
- परमाणु हथियार: दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
ईरान पर सैन्य हमले क्यों टले
19 मई 2026 को Trump ने घोषणा की कि उन्होंने Pentagon को ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया बल्कि इसके पीछे कुछ खास वजह थीं। Saudi Arabia, Qatar और UAE के नेताओं ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि वे हमलों को टाल दें। ये देश ईरान के साथ एक ऐसा शांति समझौता करना चाहते हैं जिसमें ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो।
चीन का क्या है इस पूरे मामले पर कहना
दूसरी तरफ चीन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी पक्ष को हथियार भेजने के दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। चीन का कहना है कि उसके व्यापारिक संबंध आपसी फायदे पर आधारित होते हैं। हालांकि, अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि चीनी कंपनियां अफ्रीका जैसे देशों के जरिए गुप्त रास्तों से ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन युद्ध की शुरुआत से अब तक कोई चीनी हथियार लड़ाई में नहीं देखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trump ने चीन के साथ क्या डील करने की बात कही है
Trump ने इशारा किया है कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजना बंद कर देता है, तो वह ईरान से तेल खरीदने वाली चीनी कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटा सकते हैं।
ईरान पर हमले रोकने में किन देशों की भूमिका रही
Saudi Arabia, Qatar और UAE ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि ईरान पर हमले न किए जाएं ताकि एक शांति समझौता किया जा सके।
