Donald Trump ने एक बार फिर अपना पुराना दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एक बड़े युद्ध को सिर्फ टैरिफ की धमकी देकर रोक दिया था। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक इवेंट के दौरान कहा कि यह मामला बहुत गंभीर था क्योंकि दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं और वे युद्ध की कगार पर थे।
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Trump ने टैरिफ की धमकी देकर कैसे रोका युद्ध
Donald Trump का कहना है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर 350% तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसे उन्होंने कुछ मौकों पर 200-250% भी बताया। ट्रंप के मुताबिक इस दखल की वजह से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। उन्होंने दावा किया कि इस टकराव के दौरान 11 हवाई जहाज गिराए गए थे। ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें फोन कर कहा था कि वे युद्ध नहीं करेंगे।
भारत और पाकिस्तान की इस पर क्या राय है
इस दावे पर दोनों देशों की प्रतिक्रिया अलग रही है। India ने हमेशा से इस बात से इनकार किया है कि पाकिस्तान के साथ अपने विवादों को सुलझाने में किसी तीसरे पक्ष ने मदद की। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों की सेनाओं के DGMOs के बीच सीधी बातचीत के जरिए मामला सुलझाया गया था। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने Donald Trump के इस हस्तक्षेप के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और उन्हें शांति का दूत और दक्षिण एशिया के लोगों का रक्षक बताया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला और विवाद
टैरिफ के इस मुद्दे पर कानूनी विवाद भी हुआ। 21 फरवरी 2026 को US Supreme Court ने ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ उपायों को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि IEEPA कानून राष्ट्रपति को इस तरह के टैक्स लगाने का अधिकार नहीं देता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की आलोचना की लेकिन उन्होंने अपनी बात दोहराई कि टैरिफ के जरिए युद्ध खत्म किए जा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर क्या दावा किया है
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 350% टैरिफ की धमकी देकर 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोका और करीब 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाई।
भारत सरकार ने ट्रंप के दावे पर क्या कहा है
भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से साफ इनकार किया है और कहा है कि यह मामला दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों (DGMOs) के बीच द्विपक्षीय बातचीत से सुलझा था।