Strait of Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का किया दावा, ईरान ने खारिज किया फैसला.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि वह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में नामित करने का इरादा रखते हैं। न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में एक रैली को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस समुद्री मार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण रखता है। उन्होंने इस कदम को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों से जोड़ा है। हालांकि व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों ने इन टिप्पणियों को केवल एक बयानबाजी बताया है, लेकिन ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इस बात की पुष्टि की है कि प्रशासन ईरानी तेल राजस्व, बैंकिंग और क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर पर शिकंजा कसने के लिए अभूतपूर्व वित्तीय उपायों की तैयारी कर रहा है। इन उपायों के तहत ईरान पर एक बड़ा वित्तीय शिकंजा कसा जाएगा और अगले सप्ताह तक इस बारे में और अधिक विवरण सामने आने की उम्मीद जताई गई है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव
तेहरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरानी कमान के तहत आता है और इसे किसी भी राजनीतिक बयानबाजी या सैन्य धौंस के जरिए अपने कब्जे में नहीं लिया जा सकता है। इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी जारी है और इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी से जुड़े दो जहाजों पर हमलों की सूचना दी है। इसके अलावा कनाडा भी इस राजनयिक टकराव में कूद पड़ा है और नेविगेशन अधिकारों में बाधा डालने वाले पांच ईरानी अधिकारियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं.
कूटनीतिक गतिरोध और खाड़ी देशों पर असर
मौजूदा गतिरोध के बीच ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ फिलहाल कोई भी औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि ओमान, कतर और पाकिस्तान के माध्यम से अनौपचारिक बातचीत का दौर अभी भी जारी है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के लिए इस क्षेत्र की हलचल पर नजर रखना बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि किसी भी बड़े सैन्य या आर्थिक टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल की कीमतों और समुद्री यात्राओं पर पड़ता है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित देश इस स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य रखा जा सके।