अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी देशों और ईरान के बीच शांति को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता लगभग तय हो चुका है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को भी व्यापार के लिए पूरी तरह खोला जाएगा। इस बड़ी डील को लेकर ट्रंप ने ओवल ऑफिस से सऊदी अरब, यूएई, कतर और पाकिस्तान समेत कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों से फोन पर सीधी बातचीत की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने किन-किन खाड़ी और अन्य देशों के नेताओं से की बात?
ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ फोन पर चर्चा की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत में निम्नलिखित प्रमुख नेता शामिल रहे:
- सऊदी अरब: मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद
- यूएई (UAE): मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
- कतर: अमीर तमीम बिन हमद और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान
- बहरीन: राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा
- इजरायल: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (अलग से फोन कॉल)
- मिस्र और तुर्की: राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी और राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर
इस बातचीत को लेकर राजनयिकों का कहना है कि खाड़ी देशों के नेताओं के साथ ट्रंप की बातचीत बहुत सकारात्मक रही है और इससे जल्द ही अच्छे नतीजे सामने आ सकते हैं।
ईरान का इस समझौते और दावों पर क्या है कहना?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स (Fars News) ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि समझौता होने के बाद भी होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का ही नियंत्रण रहेगा। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारी खुद मानते हैं कि ट्रंप के यह पोस्ट केवल अपनी पब्लिसिटी के लिए हैं। वहीं, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी चेतावनी दी है कि ईरान के साथ इस तरह के समझौते से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार समझौता लगभग तय हो चुका है और फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो रहा है, लेकिन अभी इस पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या विवाद है?
ट्रंप का दावा है कि समझौते के तहत होर्मुज जलमार्ग को खोला जाएगा, जबकि ईरान का कहना है कि इस रास्ते पर उसका नियंत्रण हमेशा बना रहेगा।
इस बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अगले दौर की बातचीत की मेजबानी कर सकता है।