पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के अधिकारियों के बीच भारी खींचतान और भ्रम की स्थिति है। दुनिया के सामने तो ईरान एकता दिखा रहा है, लेकिन अंदरूनी तौर पर वहां की सरकार दो गुटों में बंटी हुई है। हाल ही में लीक हुई एक गुप्त चिट्ठी ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है।

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ईरान के नेताओं में झगड़ा और Trump का बयान

Donald Trump ने Truth Social पर कहा कि ईरान के कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच नेतृत्व को लेकर बड़ी लड़ाई चल रही है। उन्होंने इसे बहुत अजीब स्थिति बताया और कहा कि युद्ध में हार और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से वहां सब गड़बड़ है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने इन बातों को खारिज करते हुए सार्वजनिक रूप से कहा कि वे सब एकजुट हैं और सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन कर रहे हैं।

गुप्त चिट्ठी का मामला और पाकिस्तान में नाकाम बातचीत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Masoud Pezeshkian और Mohammad Bagher Ghalibaf समेत कुछ बड़े अधिकारियों ने Mojtaba Khamenei को एक गुप्त पत्र लिखा था। इस पत्र में ईरान के गंभीर आर्थिक संकट का जिक्र था और अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर बात करने की जरूरत बताई गई थी। यह चिट्ठी लीक होने के बाद अधिकारियों के बीच आपसी लड़ाई शुरू हो गई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा।

इसी बीच 25 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता भी विफल रही। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आने से पहले ही पाकिस्तान छोड़कर चले गए, जिसके बाद Trump ने अमेरिकी टीम की यात्रा रद्द कर दी। फिलहाल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है और Trump ने साफ किया है कि जब तक कोई असली समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना वहीं तैनात रहेगी।