अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान सैन्य रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब उसके पास वापसी का कोई मौका नहीं है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि वे अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वहां रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर क्या है स्थिति?

अमेरिकी सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि ईरान के साथ बैक-चैनल के जरिए बातचीत हो रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि राष्ट्रपति Trump जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाने के लिए तैयार हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसे ईरान ने फिलहाल सार्वजनिक रूप से ठुकरा दिया है।

  • Donald Trump का बयान: ईरान सैन्य रूप से तबाह हो चुका है और अब समझौते के लिए गुप्त रूप से दबाव बना रहा है।
  • पाकिस्तान की भूमिका: विदेश मंत्री Ishaq Dar ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र की चिंता: महासचिव Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ी है।

युद्ध के मैदान और समुद्री रास्तों पर क्या हो रहा है?

ईरान और इजरायल के बीच तनाव सीधे हमलों में बदल गया है। इजरायली हमलों में ईरानी नौसेना प्रमुख Alireza Tangsiri के मारे जाने का दावा किया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर भी खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।

मुख्य घटना विवरण
सैन्य कार्रवाई इजरायल ने ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमला किया।
मिसाइल हमला ईरान ने Kuwait, Jordan और Bahrain के ठिकानों पर मिसाइलें दागी।
परमाणु संयंत्र Bushehr Nuclear Plant पर एक प्रोजेक्टाइल गिरा, लेकिन नुकसान नहीं हुआ।
ईरान की शर्त ईरान नुकसान की भरपाई और भविष्य में हमले न होने की गारंटी मांग रहा है।
समुद्री मार्ग ईरान ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण और फीस की बात कही है।
प्रवासी सुरक्षा मिसाइल हमलों के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य लोगों में चिंता है।

खाड़ी में रहने वाले भारतीयों पर इसका क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं। कुवैत और बहरीन जैसे देशों में मौजूद ठिकानों पर मिसाइल हमलों की खबरों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है, तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और जहाजों की आवाजाही रुकने से सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव बढ़ने से हवाई उड़ानों के रूट में बदलाव हो सकता है, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर महंगा और लंबा हो सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com