अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अमेरिका को जानकारी दी है कि वहां हालात बहुत खराब हैं और देश ‘collapse’ यानी पूरी तरह टूटने की स्थिति में है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अब ईरान चाहता है कि Hormuz Strait को जल्द से जल्द खोल दिया जाए ताकि वहां की लीडरशिप की समस्याओं को सुलझाया जा सके।

🗞️: London में बड़ी मीटिंग: कुवैत के राजदूत से मिले UK रक्षा मंत्री, GCC देशों के राजदूत भी रहे मौजूद

अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने सोमवार को बताया कि ईरान ने एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात कही गई है, लेकिन परमाणु बातचीत को कुछ समय के लिए टालने की मांग की गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कर दिया है कि कोई भी डील तभी होगी जब ईरान परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रुकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर ईरान का नियंत्रण या टोल टैक्स नहीं चलेगा क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय पानी है।

समुद्री नाकाबंदी और मौजूदा हालात क्या हैं?

  • CENTCOM की कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी है।
  • जहाजों पर असर: इस नाकाबंदी की वजह से अब तक 39 जहाजों का रास्ता बदला गया है। अमेरिकी सेना जहाजों की जांच कर रही है ताकि कोई भी जहाज ईरानी बंदरगाह न जा सके।
  • पाकिस्तान की मध्यस्थता: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा है कि अगर अमेरिकी नाकाबंदी खत्म होती है, तो वह स्ट्रेट पर लगी पाबंदियां हटा देगा।

दुनिया और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास तनाव बढ़ने से दुनिया भर में समुद्री सुरक्षा और जहाजों के आने-जाने की आजादी को खतरा हो सकता है। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने कहा कि जलमार्ग पूरी दुनिया के लिए जरूरी रास्ते हैं और ये किसी एक देश की मिल्कियत नहीं हैं। इस संकट के बीच UAE ने 1 मई से OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया है। सऊदी अरब में खाड़ी देशों के नेता इस पूरे संकट पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या दावा किया है

ट्रंप ने कहा कि ईरान ने खुद अमेरिका को बताया है कि वह ‘Collapse’ की स्थिति में है और अब वह अपनी लीडरशिप की समस्या सुलझाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना चाहता है।

अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ क्या कदम उठा रही है

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिसके कारण अब तक 39 जहाजों का रास्ता बदला गया है और उनकी कड़ी जांच की जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.