अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक बड़ा समझौता बहुत जल्द होने वाला है। ट्रंप के मुताबिक यह डील अगले दो से तीन दिनों में पूरी हो सकती है जिससे ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोला जा सकेगा। लेकिन ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि अमेरिका ने समझौते के मसौदे में बदलाव किया है जो उन्हें मंजूर नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन ने क्या दावा किया है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जून 2026 को कहा कि ईरान के साथ बातचीत अपने आखिरी चरण में है। उन्होंने भरोसा जताया कि बहुत जल्द एक बेहद मजबूत और शक्तिशाली समझौता हो जाएगा। ट्रंप का मानना है कि आर्थिक प्रतिबंधों और नाकाबंदी के दबाव के कारण यह संभव हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है और वे इस समझौते पर आगे बढ़ेंगे, चाहे इस पर इजराइल की जो भी राय हो। सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी लगभग 37 बार ईरान के साथ समझौता बहुत करीब होने का दावा कर चुके हैं।
ईरान ने अमेरिकी दावों पर क्यों आपत्ति जताई है?
दूसरी ओर, ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका के इन दावों को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि वॉशिंगटन ने सहमति पत्र (MoU) में कुछ बदलाव किए हैं, जो उन्हें बिल्कुल स्वीकार नहीं हैं। ईरान का साफ कहना है कि जब तक उनके फ्रीज किए गए फंड जारी नहीं किए जाते और प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक कोई समझौता नहीं हो सकता। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरानी ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान के सहयोग से चल रही यह बातचीत जून के अंत तक पूरी हो सकती है। वहीं ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका बातचीत नहीं चाहता और ईरान अपने अधिकारों की रक्षा करना जानता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य तनाव और मतभेद
इस राजनीतिक बातचीत के बीच जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरानी रडार ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने उनके हेलीकॉप्टर को गिराया था, जिसके जवाब में उन्होंने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की। इस समझौते को लेकर दोनों पक्षों में अब भी मतभेद हैं क्योंकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सौंप दे, जबकि ईरान यूरेनियम संवर्धन पर स्थायी प्रतिबंध लगाने के खिलाफ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का क्या दावा है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ एक मजबूत समझौता दो से तीन दिनों के भीतर हो सकता है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खुल जाएगा और ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा।
ईरान ने अमेरिका के दावों को क्यों खारिज किया है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने सहमति पत्र (MoU) में कुछ बदलाव किए हैं जो उन्हें मंजूर नहीं हैं। ईरान की मांग है कि जब तक प्रतिबंध नहीं हटाए जाते और उनके फ्रीज फंड जारी नहीं होते, तब तक कोई डील नहीं होगी।
