अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की आर्थिक हालत पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अब तेहरान के पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है और उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है।

अमेरिकी घेराबंदी और आर्थिक चोट से क्या हुआ?

Donald Trump ने बताया कि ईरान को अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी की वजह से हर दिन 500 मिलियन डॉलर का घाटा हो रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने जानकारी दी कि ईरान का तेल उत्पादन अब बंद होने की कगार पर है और जल्द ही पंपिंग पूरी तरह ठप हो जाएगी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने इसे Operation Economic Fury का नाम दिया है, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बनाकर उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।

ईरान के बड़े नेताओं ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस घेराबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि यह नाकाम होगी। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने कड़ा बयान देते हुए अपने परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम की रक्षा करने की बात कही। दूसरी तरफ, ईरानी संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf इस्लामाबाद पहुंचे और परमाणु संवर्धन को पांच साल तक रोकने का प्रस्ताव दिया ताकि भरोसा बनाया जा सके।

वर्तमान हालात और सैन्य तैयारी की लिस्ट

  • करेंसी और महंगाई: ईरान की मुद्रा की कीमत तेजी से गिरी है और वहां महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
  • सैन्य तैयारी: CENTCOM ने ईरान के खास ठिकानों पर हवाई हमले के लिए तैयारी पूरी कर ली है।
  • तेल स्टोरेज: Trump का दावा है कि तेल पाइपलाइन फटने वाली हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि ईरान के पास अभी कुछ हफ़्तों का स्टॉक बचा है।
  • बातचीत: अमेरिका परमाणु समझौते पर अड़ा है, जबकि ईरान चाहता है कि पहले Strait of Hormuz को खोला जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान पर किस तरह का दबाव बनाया है?

Donald Trump ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसेना की घेराबंदी की है ताकि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए मजबूर हो जाए।

ईरान की आर्थिक स्थिति अभी कैसी है?

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की अर्थव्यवस्था गिरावट में है, वहां महंगाई बहुत बढ़ गई है और करेंसी की वैल्यू काफी कम हो गई है।