अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी की वजह से ईरान को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। ट्रंप का कहना है कि ईरान अब भारी दबाव में है और अपनी इज्जत बचाने के लिए चुपचाप बातचीत करना चाहता है।

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ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी और आर्थिक दबाव का असर

President Trump ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों और शिपिंग रास्तों को पूरी तरह घेर रखा है। US Treasury Secretary Scott Bessent के मुताबिक, इस नाकाबंदी से ईरान की कमाई के मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के Kharg Island पर जमा तेल अब भरने वाला है, जिससे जल्द ही वहां के तेल कुओं को बंद करना पड़ सकता है। साथ ही, अमेरिका ने उन कंपनियों और लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान को मिसाइल और ड्रोन बनाने में मदद कर रहे थे।

युद्ध विराम और पाकिस्तान की भूमिका

22 अप्रैल 2026 को डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध विराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ा दिया है। ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान ने उनसे अनुरोध किया था कि ईरानी नेताओं को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाए। हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगी।

ईरान की जवाबी धमकी और Strait of Hormuz का संकट

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका की इस कार्रवाई को युद्ध की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों को रोकना ceasefire का उल्लंघन है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर यह दबाव जारी रहा, तो वह Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को बंद कर देगा। वहीं, Major General Ali Abdulahi ने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर से होने वाले सभी व्यापार को रोका जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.