अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की स्थिति पर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान में अब कोई सही लीडरशिप नहीं बची है और उनकी सेना लगभग खत्म हो चुकी है. इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्तावों और नए प्रतिबंधों को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है.

Trump ने ईरान की लीडरशिप को बताया बेकार

Donald Trump ने कहा कि ईरान की लीडरशिप पूरी तरह से टूट चुकी है और यह समझना मुश्किल है कि वहां असल में नेता कौन है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के पास अब बुनियादी तौर पर कोई सेना नहीं बची है. इसी दिन Trump ने अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं को सूचित किया कि ईरान के साथ उनकी लड़ाई अब खत्म हो गई है. उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल 2026 से वहां युद्धविराम (ceasefire) लागू है.

ईरान का जवाब और पाकिस्तान की भूमिका

ईरान की तरफ से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया आई है. ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वे धमकियों के दबाव में कोई फैसला नहीं लेंगे. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भी भेजा है. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने अपनी जनता से दुश्मनों को जवाब देने के लिए आर्थिक जंग लड़ने की अपील की है.

अमेरिका के नए प्रतिबंध और राजनीतिक विवाद

शांति की बातों के बावजूद, अमेरिका ने 1 मई 2026 को ईरान की तीन विदेशी मुद्रा विनिमय कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान की आर्थिक लाइफलाइन को चोट पहुंचाना है. दूसरी तरफ, अमेरिकी सीनेट के लीडर Chuck Schumer ने Trump के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि ईरान के साथ लड़ाई खत्म हो चुकी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान की लीडरशिप के बारे में क्या कहा

Trump ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप टूटी हुई और बिखरी हुई है और अब वहां कोई नहीं जानता कि असली नेता कौन है.

ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्ताव कैसे भेजा गया

ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक संशोधित शांति प्रस्ताव 1 मई 2026 को भेजा था.