अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बाद एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की लगभग पूरी सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है. इस बीच दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्ध विराम (ceasefire) भी लागू हुआ है, जिसे ईरान ने 7 अप्रैल 2026 को स्वीकार किया था.

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अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर क्या असर डाला

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि ‘Operation Epic Fury’ के जरिए ईरान की सेना को भारी नुकसान पहुँचाया गया है. उनके मुताबिक ईरान का मिसाइल प्रोग्राम, उसके लॉन्चर और उत्पादन केंद्र अब काम करने लायक नहीं रहे. वहीं जनरल Dan Caine ने जानकारी दी कि ईरान के लगभग 80% परमाणु औद्योगिक आधार पर हमला हुआ है और उसे दोबारा खड़ा करने में सालों लगेंगे.

हमलों में कितनी तबाही हुई

अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे सैन्य अभियान में ईरान के हजारों ठिकानों को निशाना बनाया गया. नुकसान का पूरा विवरण इस टेबल में देखा जा सकता है:

निशाना नुकसान का विवरण
कुल टारगेट 13,000 से ज़्यादा
नौसेना बेड़ा 90% से ज़्यादा डूब गया
एयर डिफेंस सिस्टम लगभग 80% तबाह

दावों पर विवाद और अन्य देशों की भूमिका

जहाँ एक तरफ Trump जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं CNN की एक रिपोर्ट में इन दावों को गलत और बिना सबूत वाला बताया गया है. 4 अप्रैल को अमेरिका के दो विमान भी गिराए गए थे. इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. वहीं सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे देशों ने शुरू में Trump को हमले से रोकने की कोशिश की थी ताकि क्षेत्र में तनाव न बढ़े.