अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान की सैन्य ताकत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है. उन्होंने साफ किया कि ईरान की नौसेना अब समुद्र की गहराई में जा चुकी है. इसी के साथ 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना ने घेराबंदी शुरू कर दी है.

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Trump ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर क्या कहा?

Trump ने अपनी Truth Social पोस्ट में बताया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के ‘फास्ट अटैक शिप’ अमेरिकी घेराबंदी के पास आए, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा. इससे पहले मार्च और अप्रैल में भी उन्होंने कहा था कि ईरान आर्थिक और सैन्य रूप से बर्बाद हो चुका है और उनकी मिसाइलें अब खत्म होने वाली हैं.

ईरान की घेराबंदी क्यों की गई और क्या है असर?

यह फैसला पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के नाकाम होने के बाद लिया गया. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और अन्य अमेरिकी शर्तों पर झुकने को तैयार नहीं था. अब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्सों को ब्लॉक कर दिया है.

ईरान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने Trump को चुनौती देते हुए कहा कि अगर अमेरिका लड़ेगा, तो ईरान भी लड़ेगा. वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य अभी भी उनके नियंत्रण में है और सैन्य जहाजों को कड़ा जवाब दिया जाएगा. दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को ब्लॉक करना कानूनन गलत है.

व्यक्ति/संस्था मुख्य बयान
Donald Trump ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है
JD Vance ईरान की पारंपरिक सेना प्रभावी रूप से नष्ट हो गई है
Pete Hegseth लक्ष्य ईरान की नौसेना और मिसाइल भंडारों को खत्म करना है
Mohammad Bagher Qalibaf अगर आप लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे
IMO अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को ब्लॉक करना कानूनी नहीं है