अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमता अब बहुत कमजोर हो गई है और उसके पास केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल भंडार ही बचा है। हालांकि, इस दावे के बीच ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि हाल के दिनों में कुवैत और बहरीन की तरफ कई मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और क्षेत्रीय सुरक्षा बलों ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम करने का दावा किया है।

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ट्रंप का ईरान की मिसाइल क्षमता पर बड़ा दावा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के पास अब उसकी मूल मिसाइल क्षमता का केवल 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा ही बचा है। उनके अनुसार, ईरान के ज्यादातर ड्रोन कारखाने, लॉन्चिंग पैड और मिसाइल बनाने वाले ठिकाने तबाह हो चुके हैं। मई महीने में ट्रंप ने इस आंकड़े को 18 प्रतिशत बताया था। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी और इजरायली हमलों के बावजूद अपनी सैन्य क्षमता को अनुमान से ज्यादा तेजी से दोबारा खड़ा कर रहा है।

कुवैत और बहरीन में धमाके और ईरान के हालिया हमले

इस दावे के विपरीत खाड़ी क्षेत्र में जमीनी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। जून 2026 के पहले सप्ताह में ईरान ने क्षेत्रीय ठिकानों की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास और बहरीन में धमाकों की खबरें आईं, जिसके बाद कुवैत की सेना ने हवाई खतरों के खिलाफ सुरक्षात्मक कार्रवाई की पुष्टि की। अमेरिकी सेना ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के आत्मघाती ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर तटीय रडार स्टेशनों पर हमले किए हैं।

जमीन के नीचे छिपी हैं ईरान की मिसाइलें

विशेषज्ञों और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान ने अपने भूमिगत मिसाइल ठिकानों और सुरंगों को दोबारा खोल लिया है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के पास जमीन के नीचे बने सुरक्षित ठिकानों में अभी भी 1000 से अधिक मिसाइलें मौजूद हैं। इन भूमिगत ठिकानों को केवल उनके प्रवेश द्वारों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट नहीं किया जा सकता, क्योंकि बुलडोजर जैसे साधारण उपकरणों की मदद से इन्हें फिर से खोला जा सकता है। ईरान ने हाल ही में अरश-ए कमनगीर नाम का नया एयर डिफेंस सिस्टम भी विकसित किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान की मिसाइल क्षमता के बारे में क्या दावा किया है?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हमलों के कारण ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और अब उसके पास केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल भंडार ही शेष बचा है।

क्या ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है?

नहीं, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान अपनी सैन्य क्षमता को तेजी से दोबारा खड़ा कर रहा है और उसके पास जमीन के नीचे 1000 से अधिक मिसाइलें सुरक्षित होने का अनुमान है।

हाल ही में कुवैत और बहरीन में क्या घटनाएं हुई हैं?

कुवैत और बहरीन की तरफ हाल ही में कई ईरानी मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिन्हें अमेरिकी और स्थानीय डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।