अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत बहुत सकारात्मक रही है और एक बड़े समझौते की पूरी संभावना है। इस संभावित डील को देखते हुए ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा और बिजली ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

ट्रंप ने सोमवार 23 मार्च 2026 को कहा कि ईरान के साथ बहुत अच्छी चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी समझौते की मुख्य शर्त यह होगी कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ देगा। ट्रंप का कहना है कि अगर डील पक्की होती है, तो अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को अपने नियंत्रण में ले लेगा। ट्रंप के अनुसार, इस शांति समझौते से Israel भी खुश होगा क्योंकि इससे क्षेत्र में लंबे समय के लिए शांति आएगी।

ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या जवाब दिया है?

ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ और विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। ईरान की तरफ से आए कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • ईरान ने ट्रंप के दावों को “फेक न्यूज” करार दिया है और कहा है कि यह बाजार को गुमराह करने की कोशिश है।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश संदेश जरूर ला रहे हैं, लेकिन सीधी बात नहीं हुई है।
  • IAEA की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने 60% तक यूरेनियम संवर्धित कर लिया है, जो हथियार बनाने के बहुत करीब है।
  • ट्रंप ने हमले टालने का फैसला इन कथित शुरुआती बातचीत के आधार पर लिया है।
  • IAEA प्रमुख ने भी चेतावनी दी है कि सैन्य हमलों से परमाणु केंद्रों को खतरा हो सकता है और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।
Sushma Kumari

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