अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान अपना परमाणु प्रोग्राम रोकने को तैयार हो गया है, लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान के प्रोफेसर Hassan Ahmadian ने इसे गलत बताया है। इस बीच Strait of Hormuz को जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जिससे दुनिया की नजरें अब इस डील पर टिकी हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर क्या है विवाद?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को अनिश्चित काल के लिए रोकने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस डील के तहत ईरान को कोई जमा हुआ पैसा नहीं मिलेगा और अमेरिका ईरान का पूरा परमाणु कचरा अपने पास ले लेगा। दूसरी तरफ, प्रोफेसर Hassan Ahmadian ने कहा कि अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है और बातचीत सिर्फ शुरुआती दौर में है, जिसे पाकिस्तान जैसे देशों ने बीच-बचाव कर कराया है।

Strait of Hormuz और अमेरिकी नाकेबंदी का क्या हाल है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एलान किया कि सीजफायर के दौरान Strait of Hormuz से सभी कमर्शियल जहाजों का रास्ता पूरी तरह खुला है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकेबंदी जारी रहेगी। यह नाकेबंदी तब तक खत्म नहीं होगी जब तक कि ईरान के साथ लेनदेन 100% पूरा नहीं हो जाता।

इस पूरे मामले की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की
मुख्य अमेरिकी नेता Donald Trump और JD Vance
मुख्य ईरानी नेता Abbas Araghchi और Hassan Ahmadian
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ईरान का पक्ष परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक कामों के लिए है
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Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.