अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के नए नेताओं ने अमेरिका को तेल और गैस से जुड़ा एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। ट्रंप का कहना है कि यह बदलाव ईरान में सत्ता परिवर्तन की वजह से मुमकिन हो पाया है और इसकी आर्थिक वैल्यू बहुत ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से नकारते हुए इन्हें बाजार में हेरफेर करने वाली झूठी खबरें बताया है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

ट्रंप के दावों और ईरान की स्थिति में क्या है नया मोड़?

डोनल्ड ट्रंप ने 24 मार्च 2026 को बयान दिया कि ईरान के नए नेतृत्व ने अमेरिका को तेल और गैस के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात दी है। ट्रंप के अनुसार यह नया नेतृत्व पुराने नेताओं से काफी अलग है और शांति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर यह समझौता पूरी तरह लागू होता है, तो तेल की कीमतें काफी नीचे आ सकती हैं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय और संसद के अध्यक्ष ने किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप केवल बाजार को कंट्रोल करने और अपनी सैन्य योजनाओं के लिए समय जुटाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं।

पिछले 24 घंटों में हुए मुख्य घटनाक्रम की जानकारी

एक तरफ शांति और समझौते की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई भी जारी है। नीचे दी गई टेबल में पिछले 24 घंटों के घटनाक्रम को विस्तार से बताया गया है:

तारीख महत्वपूर्ण घटना
23 मार्च 2026 ट्रंप ने बातचीत का हवाला देकर ईरान पर हमले 5 दिनों के लिए टालने का एलान किया।
24 मार्च 2026 (सुबह) अमेरिका और इजरायल ने ईरान के Isfahan शहर में दो एनर्जी प्लांट पर हमले किए।
24 मार्च 2026 (दोपहर) ईरान ने अमेरिकी दावों को गलत बताते हुए इसे आर्थिक हेरफेर करार दिया।
24 मार्च 2026 (शाम) तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी गई, कीमतें गिरने के बाद फिर से बढ़ गईं।

तेल बाजार और आम आदमी पर इस खबर का असर

इस पूरे मामले का सीधा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर पड़ रहा है। 23 मार्च को जब ट्रंप ने बातचीत की बात कही थी, तो तेल की कीमतें तेजी से गिर गई थीं, लेकिन ताजा हमलों के बाद बाजार में फिर से अनिश्चितता बढ़ गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए यह खबर जरूरी है, क्योंकि तेल की कीमतों में बदलाव का असर फ्लाइट टिकटों के दाम पर भी पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में Marco Rubio, JD Vance और Jared Kushner जैसे बड़े अमेरिकी नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। फिलहाल इस स्थिति पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर बनी हुई है।