अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे सीधे संपर्क करके अमेरिकी बमबारी को रोकने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इधर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य एक्शन लेते हुए 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने भी अन्य खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागकर पलटवार किया है जिससे खाड़ी देशों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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ट्रंप ने क्या दावा किया और अमेरिकी सेना ने क्यों की बमबारी?

डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर बमबारी रोकने की गुहार लगाई थी। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिका के प्रस्तावों को नहीं मानता है तो हमले और तेज किए जाएंगे। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस बात की पुष्टि की है कि यह सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने यह कदम उठाया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ किया है कि अमेरिका मजबूत स्थिति से शांति समझौते की शर्तों को तय करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान का क्या है कहना और जमीनी हालात क्या हैं?

ईरान के सरकारी मीडिया और अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप के दावों को पूरी तरह झूठा करार दिया है। ईरान का कहना है कि यह अमेरिका की तरफ से अपनी कमजोरी को छिपाने और टकराव से पीछे हटने की एक कोशिश है। इस तनाव के बीच सुरक्षा हालात काफी नाजुक बने हुए हैं:

  • अमेरिकी मिसाइल हमले: अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और तेहरान से महज 40 मील की दूरी पर ईरान के हवाई रक्षा प्रणालियों और संचार ठिकानों को निशाना बनाकर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं।
  • ईरान का पलटवार: ईरान की सेना ने इस हमले के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागी हैं।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद: ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद करने का दावा किया था, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि वहां से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ट्रंप और ईरान के बीच सीधी बातचीत हुई है?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी अधिकारियों ने उनसे सीधे संपर्क कर बमबारी रोकने की गुजारिश की थी, लेकिन ईरान के सरकारी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे केवल एक अफवाह बताया है।

अमेरिका ने ईरान पर किस वजह से हमले किए हैं?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने आत्मरक्षा में ईरान के ठिकानों पर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं।