अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि उन्होंने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस डील के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाएगा, जिससे तेल की कीमतें कम होंगी और बाकी चीजों के दाम भी घटेंगे। इस समझौते के कागजात अगले कुछ दिनों में तैयार हो जाएंगे और इसकी साइनिंग शायद यूरोप में होगी।

समझौते की मुख्य बातें

Donald Trump के मुताबिक, इस डील की सबसे बड़ी बात यह है कि ईरान अब कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ-साथ इस समझौते को इज़राइल, कतर, UAE, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देशों ने भी मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की जगह इस साइनिंग इवेंट में उपराष्ट्रपति JD Vance शामिल हो सकते हैं।

ईरान ने किया इनकार

जहाँ एक तरफ अमेरिका इस समझौते की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने अभी तक ऐसी किसी डील की पुष्टि नहीं की है। ईरान की सेमी-ऑफिशियल Fars News एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि ईरान फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी नई बातचीत में शामिल नहीं है।

Strait of Hormuz की मौजूदा हालत

रास्ते की स्थिति को लेकर अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर है। US Central Command का कहना है कि रास्ता खुला है, लेकिन IMF PortWatch के आंकड़े कुछ और ही बताते हैं।

  • बंद समय: Strait of Hormuz पिछले 102 दिनों से कमर्शियल जहाजों के लिए बंद है।
  • ट्रैफिक में गिरावट: पहले यहाँ रोजाना 94 जहाज गुजरते थे, लेकिन 7 जून को सिर्फ 2 जहाज ही देखे गए।
  • बीमा का खर्च: जहाजों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस का दाम संकट से पहले के मुकाबले 8 गुना बढ़ गया है।

सैन्य हमले और तनाव

समझौते की खबरों के बीच जमीनी हालात काफी खराब रहे हैं। 10 जून को अमेरिका ने ईरान में नए हमले किए, जिससे अप्रैल में हुई सीजफायर टूट गई। जवाब में ईरान की IRGC ने कुवैत और बहरीन के अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया।

कुवैत की सेना ने पिछले दो दिनों में अपने इलाके में 24 ईरानी ड्रोन पकड़ने की बात कही है। वहीं बहरीन में एक ड्रोन इंटरसेप्ट किया गया, जिसके मलबे से एक 11 साल की बच्ची घायल हो गई और कई घरों व गाड़ियों को नुकसान पहुँचा। UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी ऑपरेशन्स की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय अपराध बताया है।

आगे क्या होगा

CBS News के सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच एक शुरुआती समझौता (MOU) साइन हो सकता है। इसके बाद 60 दिनों तक बातचीत चलेगी ताकि डील की बारीकियों को तय किया जा सके। शुरुआती कदम के तौर पर समुद्र से बारूद हटाकर व्यापार के लिए रास्ता खोलने की बात कही गई है। ईरान 15 से 20 साल तक यूरेनियम रिफाइनिंग न करने और अपने परमाणु साइट्स को खत्म करने के बदले आर्थिक मदद की मांग कर सकता है।