अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा किया है कि ईरान जल्द ही अपने ज़मीन के नीचे बने परमाणु केंद्रों को चलाने से मना कर देगा। Trump ने बताया कि एक संभावित डील के तहत ईरान अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को भेजने के लिए भी तैयार हो सकता है। इस खबर के बाद दुनिया भर की नज़रें अब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं, हालांकि दोनों देशों की बातों में काफी अंतर दिख रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते में क्या शर्तें हो सकती हैं?

खबरों के मुताबिक, दोनों देश एक पन्ने के समझौते (MOU) पर बात कर रहे हैं जिसमें कुल 14 पॉइंट शामिल हैं। इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क में कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • परमाणु हथियार: ईरान वादा करेगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
  • निरीक्षण: UN के इंस्पेक्टरों को ईरान के केंद्रों की कभी भी जांच करने की अनुमति होगी।
  • यूरेनियम रोक: यूरेनियम संवर्धन (enrichment) पर रोक लगाने की बात चल रही है, जिसमें अमेरिका 20 साल और ईरान 5 साल की मांग कर रहा है, जबकि 12 से 15 साल के बीच समझौता होने की उम्मीद है।
  • पाबंदियों में छूट: अमेरिका ईरान पर लगी पाबंदियों को धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति वापस करेगा।
  • समुद्री रास्ता: Strait of Hormuz को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी कम करने पर भी चर्चा हो रही है।

क्या ईरान ने इन दावों को स्वीकार किया है?

जहां अमेरिका की ओर से सकारात्मक खबरें आ रही हैं, वहीं ईरान के अधिकारियों ने इन बातों का खंडन किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा कि ईरान फिलहाल केवल दुश्मनी खत्म करने पर बात कर रहा है, परमाणु प्रतिबद्धताओं पर नहीं। Fars News Agency ने भी बताया कि यूरेनियम संवर्धन को 15 साल तक रोकने के अमेरिकी प्रस्ताव को तेहरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया था। हालांकि, Al Arabiya की एक रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने अपना रुख थोड़ा नरम किया है और यूरेनियम संवर्धन को 3.5 प्रतिशत तक सीमित करने का सुझाव दिया है।

शांति वार्ता के लिए ‘Project Freedom’ पर लगा ब्रेक

बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ को रोकने का फैसला किया है। यह मिशन Strait of Hormuz के रास्ते जहाजों को गाइड करने के लिए चलाया जा रहा था। ट्रंप ने इसे इसलिए रोका ताकि ईरान के साथ शांति वार्ता बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप के अनुसार ईरान परमाणु डील में क्या वादा करेगा?

ट्रंप के अनुसार ईरान अपने ज़मीन के नीचे स्थित परमाणु केंद्रों को चलाने से मना करेगा और अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को निर्यात करने का वादा करेगा।

क्या ईरान इस परमाणु समझौते के लिए तैयार है?

ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर परमाणु बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि उनका ध्यान केवल युद्ध या दुश्मनी खत्म करने पर है, हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके रुख के नरम होने की बात कही गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.