Donald Trump का बड़ा दावा, कहा ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह हुई बर्बाद और अमेरिका का Hormuz पर है पूरा कब्ज़ा.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान के पास अब पैसा नहीं बचा है और देश की स्थिति पूरी तरह से ढह चुकी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social और पत्रकारों से बात करते हुए यह भी दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz पर पूरा नियंत्रण है और अब इस अहम रास्ते पर अमेरिका का मालिकाना हक है। उन्होंने ईरान के नेताओं पर भरोसा न करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा झूठ बोला है और वे मध्य पूर्व के दबंग अब नहीं रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान से पिछले 50 सालों के अत्याचारों के लिए मुआवजे की मांग भी की है और अमेरिकी बातचीत करने वालों को इसे शामिल करने का निर्देश दिया है।
Iran का पलटवार और अर्थव्यवस्था पर असर
ईरान के अधिकारियों ने Donald Trump के इन सभी आरोपों और मांगों को तुरंत खारिज कर दिया है। ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर Abdolnasser Hemmati ने यह माना कि देश की अर्थव्यवस्था इस समय युद्ध और आर्थिक दबाव की वजह से गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी काफी बढ़ गई है, लेकिन उन्होंने देश के पूरी तरह से तबाह होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei और सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के सलाहकार Mohammad Mokhber ने दोटुक कहा कि यह समुद्री रास्ता तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं करता और ईरान की रोकी गई संपत्तियों को अनफ्रीज नहीं करता। इसके अलावा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर के सलाहकार Mohammad Reza Naqdi ने आक्रामक सैन्य रणनीति अपनाने का संकेत दिया है।
मध्यस्थता और तनाव का माहौल
कतर और पाकिस्तान की तरफ से इस तनाव को कम करने के लिए लगातार बातचीत और मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। पाकिस्तान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौता होने के करीब है, लेकिन दोनों देशों के कड़े रुख की वजह से बातचीत अभी भी रुकी हुई है। ओमान भी ईरान के साथ समुद्री जहाजों के लिए इस रास्ते को दोबारा खोलने को लेकर चर्चा कर रहा है। हाल ही में उस समय तनाव और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर गोलीबारी कर दी। एक तरफ जहां ईरान ने अमेरिकी मांगों को ठुकरा दिया है, वहीं दूसरी तरफ शांति समझौते के लिए अपनी शर्तें भी साफ कर दी हैं जिससे आने वाले दिनों में स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।