पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें ईरान के प्रदर्शनकारियों को कुर्द गुटों के जरिए हथियार भेजने की बात कही गई है। इस खबर के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है क्योंकि अमेरिकी प्रशासन और Trump के बयानों में पिछले कुछ हफ्तों में कई बदलाव देखे गए हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव भी काफी बढ़ गया है जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है।

👉: Kuwait Drone Attack: कुवैत में ईरान का ड्रोन हमला, रिफाइनरी और बिजली घरों में लगी भीषण आग, अरब लीग ने दी चेतावनी.

अमेरिका और Trump के बयानों में क्या विरोधाभास है?

  • मार्च 2026 की शुरुआत में White House ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया था जिनमें कुर्द समूहों को हथियार देने की बात थी।
  • प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा था कि कुर्द नेताओं के साथ बातचीत केवल इराक में अमेरिकी ठिकानों को लेकर हुई थी।
  • Trump ने पहले कुर्द बलों को ईरान पर हमले के लिए प्रोत्साहित किया और फिर कुछ दिनों बाद अपना बयान बदल दिया।
  • Trump ने बाद में कहा था कि वह नहीं चाहते कि कुर्द ईरान के भीतर घुसें क्योंकि युद्ध पहले से ही जटिल है।

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के सैन्य कमांड ने हाल ही में Trump की उस धमकी को खारिज कर दिया है जिसमें 48 घंटों के भीतर शांति समझौता न होने पर बुनियादी ढांचे को तबाह करने की बात कही गई थी। ईरान ने इस धमकी को एक घबराहट में लिया गया कदम बताया है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान के Bushehr परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हवाई हमले की खबरें भी सामने आई हैं। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि यह स्थिति रेडियोलॉजिकल खतरे को जन्म दे सकती है।

क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती और सुरक्षा स्थिति

विवरण जानकारी
वर्तमान अमेरिकी सैनिक लगभग 50,000 सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात हैं
अतिरिक्त सैनिकों पर विचार 10,000 और ग्राउंड सैनिकों को भेजने की योजना है
परमाणु संयंत्र क्षेत्र Bushehr के पास हमले की रिपोर्ट मिली है
कुर्द गुटों की भूमिका KDPI और Komala जैसे गुट इराक में सक्रिय हैं

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के बारे में भी ऐसी खबरें आई थीं कि वह ईरान के भीतर विद्रोह भड़काने के लिए कुर्द समूहों को छोटे हथियार उपलब्ध कराने पर विचार कर रही थी। हालांकि Trump के ताजा दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह तनाव चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि सुरक्षा हालातों को देखते हुए कई देशों ने अपनी एडवाइजरी जारी की हुई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com