समुद्री रास्ते Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि इस महत्वपूर्ण रास्ते पर अब अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और कोई भी जहाज उनकी मंजूरी के बिना ईरान में नहीं जा पाएगा। इस टकराव का सीधा असर दुनिया भर के तेल व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर पड़ सकता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य बातें क्या हैं?

अमेरिका और ईरान इस समय समुद्री सीमा को लेकर आमने-सामने हैं। इस विवाद से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • Donald Trump का दावा: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी के जरिए इस रास्ते पर पूरी पकड़ बना ली है।
  • Marco Rubio की चेतावनी: अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ कहा कि ईरान इस रास्ते को नियंत्रित करने या इससे पैसा कमाने की कोशिश न करे, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार के लिए खतरा है।
  • CENTCOM की कार्रवाई: अमेरिकी सैन्य कमांड ने बताया कि उन्होंने नाकाबंदी के दौरान 94 जहाजों का रास्ता बदला और 4 जहाजों को पूरी तरह रोक दिया ताकि व्यापार का प्रवाह बाधित किया जा सके।
  • शांति प्रस्ताव: अमेरिका ने विवाद खत्म करने के लिए एक शांति प्रस्ताव भेजा है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है।

ईरान ने अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

ईरान ने अमेरिका के दावों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। ईरान की रणनीति इस प्रकार है:

  • नया प्राधिकरण: ईरान ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई संस्था बनाई है।
  • परमिट सिस्टम: ईरान ने ऐलान किया है कि अब इस क्षेत्र से गुजरने वाले हर जहाज को PGSA से समन्वय करना होगा और अनुमति लेनी होगी।
  • IRGC की निगरानी: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी अब समुद्री ऑपरेशनों की देखरेख कर रही है और सैन्य जहाजों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
  • टोल टैक्स की तैयारी: ईरान व्यावसायिक जहाजों से सुरक्षा और ट्रांजिट के नाम पर शुल्क लेने पर विचार कर रहा है।

दुनिया के अन्य देशों और संस्थाओं का क्या कहना है?

इस विवाद में दुनिया के कई बड़े देश और संगठन शामिल हो गए हैं। स्थिति को संभालने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं:

  • संयुक्त राष्ट्र (UN): अमेरिका और बहरीन द्वारा पेश एक प्रस्ताव को 137 देशों का समर्थन मिला है, जिसका मकसद समुद्री रास्तों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा करना है।
  • चीन का रुख: राष्ट्रपति Xi Jinping ने ट्रंप के साथ बैठक में कहा कि यह रास्ता खुला रहना चाहिए और उन्होंने टोल टैक्स या सैन्यीकरण का विरोध किया है।
  • UAE की राय: UAE के मंत्री डॉ. सुल्तान बिन अहमद अल जाबेर ने चेतावनी दी कि किसी एक देश को इस रास्ते का मालिक बनने देना नेविगेशन की आजादी को खत्म कर देगा।
  • मध्यस्थता: पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

PGSA क्या है और ईरान इसे क्यों लाया है?

PGSA यानी Persian Gulf Strait Authority ईरान द्वारा बनाई गई एक नई रेगुलेटरी बॉडी है। इसका मकसद Strait of Hormuz के समुद्री क्षेत्र में अपनी सीमाओं को तय करना और जहाजों के आने-जाने के लिए परमिट सिस्टम लागू करना है।

अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz में क्या कार्रवाई की है?

अमेरिकी सैन्य कमांड (CENTCOM) ने अपनी नाकाबंदी के तहत 94 जहाजों को मोड़ा है और 4 जहाजों को अक्षम (disable) कर दिया है ताकि ईरान की ओर जाने वाले वाणिज्यिक प्रवाह को रोका जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com