अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि कतर की राजधानी Doha में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होने वाली है। हालांकि ईरान ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कहा है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई बैठक तय नहीं है। इस बयानबाजी के बाद दोनों देशों के बीच राजनैतिक चर्चा तेज हो गई है।
Donald Trump और व्हाइट हाउस का बड़ा दावा
सोमवार, 29 जून 2026 को Donald Trump ने सार्वजनिक तौर पर दावा किया था कि ईरान ने खुद बैठक की मांग की थी और यह बातचीत मंगलवार, 30 जून 2026 को Doha में आयोजित की जाएगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने भी जानकारी दी थी कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें Steve Witkoff और Jared Kushner शामिल हैं, इस उच्च-स्तरीय बैठक के लिए Doha जा रहे हैं।
ईरान ने बातचीत से किया साफ इंकार
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei और उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बयान जारी कर बताया कि ईरान का एक विशेषज्ञ दल Doha जरूर जा रहा है, लेकिन उनका काम केवल पुराने समझौतों और फ्रीज किए गए फंड की वापसी पर बातचीत करना है। उन्होंने साफ किया कि इस यात्रा का अमेरिका के साथ किसी भी बैठक से कोई लेना-देना नहीं है और आने वाले दिनों में ऐसी कोई बातचीत नहीं होगी।
कतर के विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधि Doha में केवल मध्यस्थों से मुलाकात करेंगे ताकि क्षेत्र के हालात पर बात की जा सके। कतर की तरफ से भी यह साफ किया गया है कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच सीधे तौर पर कोई बैठक तय नहीं की गई है।
