अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध अब खत्म हो गया है। Trump का कहना है कि ईरान ने अब परमाणु हथियार न बनाने की बात मान ली है। हालांकि, ईरान की सरकार ने इस बात से साफ इनकार किया है और कहा है कि अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है।
Trump का दावा और ईरान की प्रतिक्रिया
President Donald Trump ने 12 जून 2026 को एलान किया कि उन्होंने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। Trump के मुताबिक, इस समझौते पर हस्ताक्षर इस वीकेंड यूरोप में हो सकते हैं, जिसमें Vice President JD Vance भी शामिल हो सकते हैं। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 11 और 12 जून को यह साफ किया कि अभी कोई फाइनल फैसला या समझौता नहीं हुआ है।
60 दिनों की बातचीत और MOU का मामला
खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच अगले हफ्ते एक शुरुआती समझौता यानी Memorandum of Understanding (MOU) साइन हो सकता है। इसके बाद 60 दिनों का समय मिलेगा जिसमें दोनों देश लंबी अवधि के समझौते की बारीकियों पर बात करेंगे। इस पूरी बातचीत में Qatar ने बीच-बचाव करने वाले की भूमिका निभाई है। Qatari बातचीत करने वाली टीम 11 जून को तेहरान से रवाना हुई थी।
समझौते में किन बातों पर चर्चा हो रही है
दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बात चल रही है, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| मुख्य मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| परमाणु कार्यक्रम | 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकना और सुविधाओं को खत्म करना |
| निरीक्षण | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और निगरानी को बढ़ाना |
| फ्रीज फंड | ईरान अपने 6 से 12 अरब डॉलर वापस मांग रहा है |
| समुद्री रास्ता | समझौते के बाद Strait of Hormuz को आधिकारिक रूप से खोला जाएगा |
हमले जारी लेकिन बातचीत की उम्मीद
एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हवाई हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि इन हमलों की वजह से सीजफायर का कोई मतलब नहीं रह गया है। हालांकि, Trump ने इन हमलों को रोकने का दावा किया था क्योंकि उन्हें लगा कि ईरान के बड़े नेताओं ने बातचीत की मंजूरी दे दी है।
इस समझौते की प्रक्रिया में अमेरिका और ईरान के अलावा Israel, Saudi Arabia, UAE, Turkey, Pakistan, Bahrain, Kuwait, Jordan और Egypt जैसे देश भी शामिल बताए गए हैं। Israel के PM Benjamin Netanyahu ने Trump के इस प्रयास की सराहना की है।
