पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर अमेरिका के तेल और गैस सेक्टर को लेकर बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में खाली तेल टैंकर अमेरिका की तरफ बढ़ रहे हैं ताकि वहां से बेहतरीन क्वालिटी का तेल और गैस लोड किया जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के तेल भंडार दुनिया के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े तेल देशों के कुल भंडार से भी अधिक हैं।

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अमेरिका की तरफ क्यों बढ़ रहे हैं तेल टैंकर

रिसर्च फर्म Kpler की रिपोर्ट के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को करीब 68 खाली टैंकर अमेरिकी बंदरगाहों की ओर जा रहे थे, जबकि पहले यह औसत केवल 27 जहाजों का था। इसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आई दिक्कतें हैं, जिससे वहां से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस वजह से एशिया के देशों में अमेरिकी कच्चे तेल की मांग बहुत बढ़ गई है। अनुमान है कि अप्रैल 2026 में अमेरिका से तेल निर्यात बढ़कर 52 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जाएगा।

क्या अमेरिका के पास सबसे ज्यादा तेल भंडार है

Trump ने दावा किया कि अमेरिका का तेल भंडार दूसरे और तीसरे सबसे बड़े देशों के कुल भंडार से ज्यादा है, लेकिन आधिकारिक डेटा इस दावे का समर्थन नहीं करता। Rystad Energy के अनुसार, अमेरिका के पास 264 बिलियन बैरल रिकवरेबल रिज़र्व हैं, जबकि रूस (256 बिलियन) और सऊदी अरब (212 बिलियन) का कुल भंडार 468 बिलियन बैरल होता है। वहीं, प्रूवन रिज़र्व के मामले में अमेरिका दुनिया में 9वें या 10वें स्थान पर आता है।

रिज़र्व का प्रकार अमेरिका (USA) अन्य प्रमुख देश (अनुमानित)
रिकवरेबल रिज़र्व 264 बिलियन बैरल रूस और सऊदी अरब कुल: 468 बिलियन बैरल
प्रूवन रिज़र्व 46 बिलियन बैरल वेनेजुएला: 303 बिलियन, सऊदी अरब: 267 बिलियन

अमेरिकी तेल की क्वालिटी और अन्य चुनौतियां

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी तेल की क्वालिटी वाकई बेहतर है क्योंकि यह मुख्य रूप से ‘लाइट स्वीट’ क्रूड होता है। इसमें सल्फर की मात्रा कम होती है, जिससे इसे रिफाइन करना आसान और सस्ता पड़ता है। हालांकि, निर्यात बढ़ाने में कुछ मुश्किलें भी आ रही हैं। जहाजों की कमी और शिपिंग लागत बढ़ने की वजह से अमेरिका के गल्फ कोस्ट पर टैंकरों की उपलब्धता पिछले कुछ हफ्तों में 41% कम हुई है। इसके अलावा, अमेरिका की LNG निर्यात क्षमता भी 2026 तक बढ़ने की उम्मीद है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.