अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बड़ा फैसला ले सकते हैं। उन्होंने जर्मनी, इटली और स्पेन में तैनात अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के बारे में सोचने की बात कही है। यह तनाव ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को लेकर बढ़ा है, क्योंकि यूरोपीय देश ट्रंप के काम करने के तरीके की आलोचना कर रहे हैं।

ट्रंप ने सैनिकों को हटाने का विचार क्यों किया?

राष्ट्रपति Trump का मानना है कि यूरोपीय देशों ने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका का पर्याप्त साथ नहीं दिया। उन्होंने बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को Truth Social पर जर्मनी से सैनिकों की संख्या कम करने की बात कही थी। गुरुवार को उन्होंने इटली और स्पेन का नाम भी इसमें जोड़ दिया। ट्रंप ने कहा कि इटली ने उनकी कोई मदद नहीं की और स्पेन का बर्ताव उनके साथ बहुत खराब रहा है।

जर्मनी, इटली और स्पेन का क्या जवाब है?

  • जर्मनी: चांसलर Friedrich Merz ने कहा कि अमेरिका ईरान से युद्ध में अपमानित हो रहा है और ट्रंप के पास इस युद्ध को खत्म करने की कोई सही योजना नहीं है। जर्मनी में करीब 36,000 से 53,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
  • इटली: प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने खुद को इस युद्ध से दूर रखा। इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपने सिसिली एयरबेस के इस्तेमाल से मना कर दिया था। यहाँ करीब 12,600 अमेरिकी सैनिक हैं।
  • स्पेन: प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने अमेरिकी और इजरायली हमलों को गैरकानूनी बताया। स्पेन ने अमेरिका को अपने सैन्य बेस इस्तेमाल करने से रोक दिया और हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया। यहाँ लगभग 3,800 अमेरिकी सैनिक हैं।

क्या वाकई में सैनिक वापस बुलाए जाएंगे?

अमेरिकी कानून (NDAA 2026) के मुताबिक, यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 75,000 से नीचे नहीं की जा सकती। अमेरिकी कांग्रेस के पास इस फैसले को रोकने या रोकने के लिए फंड कंट्रोल करने की ताकत है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग (Department of Defense) भी ट्रंप की इन बातों से हैरान था क्योंकि उन्होंने सैनिकों की कमी के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप किन देशों से सैनिक हटाने की बात कर रहे हैं?

राष्ट्रपति ट्रंप जर्मनी, इटली और स्पेन से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने पर विचार कर रहे हैं।

इस विवाद की मुख्य वजह क्या है?

ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिका का साथ न देना और ट्रंप की रणनीति की आलोचना करना इस विवाद की मुख्य वजह है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com