अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करने के सीधे संकेत दिए हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान बातचीत के समझौते में बहुत देरी कर रहा है और अब उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इससे पहले ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे थे, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

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ट्रंप ने ईरान को क्यों दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह बातचीत में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले भी ईरान को एक बेहतरीन समझौते का मौका दिया था लेकिन ईरान ने इसमें बहुत समय बर्बाद किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे मुख्य बुनियादी ढांचों को निशाना बना सकते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी बयान दिया है कि अमेरिकी सेना रात में ईरान के बेहद महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले करने की तैयारी में है।

कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला

इस ताजा विवाद की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई जब ईरान के एक ड्रोन ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के रडार और हवाई रक्षा प्रणालियों पर हमले किए। अमेरिकी हमलों से भड़के ईरान ने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों सहित कुल 21 जगहों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। हालांकि, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन की रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को हवा में ही रोक दिया जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।

खाड़ी देशों की चिंता और मध्यस्थता की कोशिशें

इस सैन्य टकराव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ गई है। सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस लगातार शांति बनाए रखने और तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। इन देशों ने पहले भी अमेरिका से हमलों को टालने की अपील की थी। पाकिस्तान भी दोनों देशों के बीच संदेशों के आदान-प्रदान में मदद कर रहा है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि लगातार जारी अमेरिकी हमलों के बीच किसी भी तरह की राजनयिक बातचीत को आगे बढ़ाना मुश्किल है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कुवैत और बहरीन में हुए हमलों में कोई हताहत हुआ है?

कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को सुरक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी व्यक्ति की जान जाने की खबर नहीं है।

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?

तनाव की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी हमले किए और ट्रंप ने ईरान पर भारी सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी दी।